रबी कालीन धान की सरकारी खरीद में तेलंगाना की 60 प्रतिशत भागीदारी
02-Jun-2026 05:00 PM
हैदराबाद। दक्षिण भारत के सबसे प्रमुख धान- चावल उत्पादक राज्य- तेलंगाना के मुख्यमंत्री का कहना है कि रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर धान की जितनी खरीद होती है उसमें अकेले तेलंगाना का योगदान 60 प्रतिशत के करीब रहता है। सरकार द्वारा इस बार 63.65 लाख टन धान खरीदा गया है और इसके मूल्य भुगतान के तौर पर सीधे किसानों के बैंक खाते में 11,903 करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं।
मुख्यमंत्री के मुताबिक बेमौसमी वर्षा एवं आंधी-तूफान के कारण जहां फसल क्षतिग्रस्त हो गई थी वहां भी सरकार ने किसानों को नुकसान से बचाने के लिए करीब 10 हजार टन गीला धान खरीद लिया।
वर्तमान समय में देश का कोई भी अन्य राज्य धान की खरीद में तेलंगाना का मुकाबले करने की स्थिति में नहीं है। तेलंगाना में खरीफ के साथ-साथ रबी (यासंगी) सीजन में भी धान का विशाल उत्पादन होता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2025-26 सीजन के दौरान तेलंगाना में खाद्यान्न का सकल उत्पादन बढ़कर 236.87 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
तेलंगाना सरकार द्वारा किसानों को हर तरह का सहयोग-समर्थन एवं प्रोत्साहन दिया जा रहा है जिससे राज्य में धान के साथ-साथ मक्का और कपास के उत्पादन में भी जोरदार बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। तेलंगाना केन्द्रीय पूल में चावल का योगदान देना वाला एक अग्रणी राज्य है। वहां दोनों सीजन में इसकी सरकारी खरीद होती है।
