सीजन के अंत में उद्योग के पास 53 लाख टन चीनी का स्टॉक बचने का इस्मा का अनुमान

16-May-2025 08:41 PM

नई दिल्ली। प्राइवेट चीनी मिलों की शीर्ष संस्था- इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन (इस्मा) 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के लिए मांग एवं आपूर्ति के समीकरण का आंकलन करने के बाद सीजन के अंत में यानी 30 सितम्बर 2025 को उद्योग के पास चीनी का बकाया अधिशेष स्टॉक 53 लाख टन बचने का अनुमान लगाया है जो आगामी मार्केटिंग सीजन (2025-26) के आरम्भिक दो महीनों की घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा। 

इस्मा के अनुसार 2024-25 सीजन के आरंभ में उद्योग के पास 80 लाख टन चीनी का विशाल पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था जबकि सीजन के दौरान 262 लाख टन का उत्पादन होने का अनुमान है।

इससे चीनी की कुल उपलब्धता बढ़कर 342 लाख टन पर पहुंचेगी। इसमें से 280 लाख टन का घरेलू उपयोग तथा 9 लाख टन का निर्यात होगा और सीजन के अंत में 53 लाख टन चीनी का स्टॉक बच जाएगा।

इस तरह आरंभिक स्टॉक के मुकाबले अंतिम स्टॉक में 27 लाख टन की भारी गिरावट आएगी लेकिन इस्मा का कहना है कि इससे घबराने या चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि अगले सीजन का उत्पादन बेहतर होगा। 

एसोसिएशन के मुताबिक गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का वर्तमान सीजन लगभग समाप्त हो चुका है और कुल 535 क्रियाशील इकाइयों में से 533 चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं। केवल तमिलनाडु में दो प्लांटों में गन्ना की क्रशिंग हो रही है।

2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 1 अक्टूबर 2024 से 15 मई 2025 तक देश में कुल मिलाकर 257.44 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ।

इसके तहत उत्तर प्रदेश में 92.76 लाख टन, महाराष्ट्र में 80.95 लाख टन, कर्नाटक में 40.40 लाख टन, गुजरात में 8.92 लाख टन, तमिलनाडु में 4.84 लाख टन तथा देश के अन्य राज्यों में 29.57 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ।

इन शेष राज्यों में बिहार, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना आदि शामिल हैं। इन सभी राज्यों में गन्ना की क्रशिंग पहले ही बंद हो चुकी है।