साप्ताहिक समीक्षा- चीनी

02-Aug-2025 08:05 PM

खरीदारों की जोरदार मांग से चीनी की कीमतों में उछाल 

नई दिल्ली। त्यौहारी मांग को पूरा करने के लिए स्टॉकिस्टों एवं खपतकर्ताओं ने भारी मात्रा में चीनी खरीदना शुरू कर दिया है। इसके फलस्वरूप 26 जुलाई से 1 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य तथा हाजिर बाजार भाव में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 
बिक्री कोटा 
सरकार ने अगस्त माह के लिए 22.50 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा जारी किया है जबकि आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई माह के लिए नियत 22 लाख टन चीनी के पूरे कोटे की बिक्री हो गई। इससे उद्योग पर ज्यादा दबाव नहीं रहेगा। 
मिल डिलीवरी भाव 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी मूल्य यद्यपि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21 रुपए प्रति क्विंटल घट गया मगर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 रुपए, पंजाब में 50 रुपए, बिहार में 60 रुपए तथा मध्य प्रदेश में 120 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया। गुजरात में भी चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में 100 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की। इन सभी प्रांतों में चीनी का एक्स फैक्टरी मूल्य बढ़कर 4000 रुपए प्रति क्विंटल पर या उससे ऊपर पहुंच गया जिससे मिलों को काफी राहत मिल रही है।
हाजिर भाव  
चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 10 रुपए सुधरकर 4300/4400 रुपए प्रति क्विंटल, इंदौर में 75 रुपए बढ़कर 4275/4375 रुपए प्रति क्विंटल, रायपुर में 105-110 रुपए उछलकर 4260/4350 रुपए प्रति क्विंटल, मुम्बई (वाशी) में 90 रुपए बढ़कर 4010/4210 रुपए प्रति क्विंटल तथा कोलकाता में 20-40 रुपए सुधरकर 4310/4390 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। 
टेंडर 
महाराष्ट्र में चीनी के टेंडर मूल्य में 185 रुपए प्रति क्विंटल तक की भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई जिससे यह 3910/4100 रुपए प्रति क्विंटल के उच्च स्तर पर पहुंच गया लेकिन कर्नाटक में टेंडर मूल्य 40 रुपए प्रति क्विंटल तक घटकर 3920/4050 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। 
स्टॉक कम 
चीनी का वर्तमान मूल्य स्तर मिलर्स के लिए काफी आकर्षक है और आगे इसमें भारी गिरावट आने की संभावना कम है। अगस्त से ही चीनी में त्यौहारी मांग शुरू हो जाती है। इस बार मिलों के पास स्टॉक कम है और इसलिए उसे इसकी बिक्री की कोई जल्दबाजी नहीं है।