साप्ताहिक समीक्षा- चीनी

20-Dec-2025 07:49 PM

सीमित कारोबार के बीच चीनी के दाम में गिरावट  

नई दिल्ली। अग्रणी एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम रहने तथा मांग एवं उठाव की गत सुस्त होने से चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य तथा हाजिर बाजार भाव में गिरावट का सिलसिला 13-19 दिसम्बर वाले सप्ताह में भी जारी रहा। उत्तरी भारत में कड़ाके की ठंड पड़ने, कोई महत्वपूर्ण पर्व-त्यौहार नहीं होने तथा गुड़ का प्रचलन बढ़ने से चीनी की औद्योगिक एवं घरेलू मांग प्रभावित हो रही है। मिलर्स को अपने दिसम्बर कोटे का निपटारा करने के लिए चीनी की नियमित बिक्री करनी पड़ रही है जबकि इसकी खरीद में स्टॉकिस्टों तथा डीलर्स की दिलचस्पी कम देखी जा रही है।
मिल डिलीवरी भाव  
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में पूर्वी उत्तर प्रदेश में  एवं बिहार में 10-10 रुपए प्रति क्विंटल, मध्य प्रदेश में 20 रुपए तथा पंजाब में 70 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। गुजरात में भी दाम 40-45 रुपए प्रति क्विंटल नीचे आया। लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह 25 रुपए सुधरकर 3830/4160 रुपए पर पहुंच गया।
हाजिर भाव  
चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 4390/4430 रुपए प्रति क्विंटल के पूर्व स्तर पर ही बरकरार रहा लेकिन इंदौर में 25-50 रुपए गिरकर 4000/4075 रुपए प्रति क्विंटल और रायपुर में 50 रुपए घटकर 4000/4050 रुपए प्रति क्विंटल रह गया कोलकाता में भी इसमें 25 रुपए की नरमी रही जिससे वहां दाम गिरकर 4225/4400 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। 
मुम्बई 
मुम्बई (वाशी) मार्केट में चीनी का भाव 30 रुपए की गिरावट के साथ 3800/3940 रुपए प्रति क्विंटल तथा नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य इतना ही गिरकर 3750/3890 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। इतना ही नहीं बल्कि चीनी का टेंडर मूल्य भी महाराष्ट्र में 60 रुपए तक घटकर 3600/3775 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक में 10 रुपए फिसलकर 3600/3750 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया जो लागत खर्च से भी कम है। 
भाव नरम  
चीनी का दाम घटने से महाराष्ट एवं कर्नाटक में मिलर्स को गन्ना उत्पादकों के बकाए का भुगतान सही समय पर करने में भारी कठिनाई हो रही है। स्वदेशी उद्योग सरकार से चीनी का एक्सफैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाने, चीनी के निर्यात कोटे में बढ़ोत्तरी करने तथा एथनॉल निर्यात के लिए चीनी की अधिक मात्रा का इस्तेमाल करने की अनुमति देने की जोरदार मांग कर रहा है।