साप्ताहिक समीक्षा-चीनी
09-May-2026 07:29 PM
उम्मीद से कम कोटा आने से चीनी में नरमी का दौर थमा
नई दिल्ली। उद्योग-व्यापार क्षेत्र ने मई माह के लिए 23.00-23.50 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा घोषित होने का अनुमान लगाया था जबकि खाद्य मंत्रालय ने केवल 22.50 लाख टन का ही कोटा निर्धारित किया। इससे बाजार पर दबाव काफी हद तक कम हो गया और चीनी के दाम में नरमी पर काफी हद तक ब्रेक भी लग गया। 2 से 8 मई वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी भाव हाजिर मूल्य तथा टेंडर मूल्य में या तो स्थिरता रही या कुछ तेजी दर्ज की गई। मई में चीनी की औधोगिक खपत बढ़ने की परम्परा रही है।
मिल डिलीवरी भाव
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में पंजाब में 10 रुपए प्रति क्विंटल, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 रुपए, गुजरात में 60 रुपए तथा बिहार में 75 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी हुई जबकि मध्य प्रदेश में स्थिरता एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी दर्ज की गई।
हाजिर भाव
चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 10 रुपए नरम पड़कर 4410/4520 रुपए प्रति क्विंटल रह गया और रायपुर में 4350/4425 रुपए प्रति क्विंटल के पुराने स्तर पर स्थिर रहा लेकिन इंदौर में 25 रुपए सुधरकर 4225/4325 रुपए प्रति क्विंटल कोलकाता में 50 रुपए बढ़कर 4175/4250 रुपए प्रति क्विंटल तथा मुम्बई (वाशी) में भी 50 रुपए बढ़कर 3950/4150 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। चीनी का नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी 50 रुपए की वृद्धि के साथ 3900/4100 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा।
टेंडर
चीनी का टेंडर मूल्य कर्नाटक में तो 3770/3900 रुपए प्रति क्विंटल का स्थिर रहा लेकिन महाराष्ट्र में 25-50 रुपए बढ़कर 3755/3950 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। चीनी का उत्पादन सीजन समाप्त हो चुका है।
भाव
आगामी समय में चीनी का भाव मजबूत रहने की उम्मीद है। यद्यपि मौसम अत्यधिक गर्म नहीं हुआ है लेकिन फिर भी कोल्ड ड्रिंक्स एवं आइसक्रीम निर्माण में इसकी खपत बढ़ रही है। कम कोटा आने से मिलर्स को अपना स्टॉक जल्दी-जल्दी बेचने के लिए विवश नहीं होना पड़ेगा।
