साप्ताहिक समीक्षा-चीनी
15-Feb-2025 07:29 PM
ऊंचे स्तर पर लिवाली कमजोर पड़ने से चीनी का भाव नरम
नई दिल्ली । पिछले कुछ सप्ताहों से चीनी के मिल डिलीवरी भाव तथा हाजिर बाजार मूल्य में तेजी-मजबूती का माहौल बना हुआ था क्योंकि एक तो सरकार ने 10 लाख टन चीनी के निर्यात की स्वीकृति प्रदान की थी और दूसरे, घरेलू उत्पादन में भारी कमी आने का संकेत मिल रहा था। लेकिन अत्यन्त ऊंचे भाव पर मांग कमजोर पड़ने से 8-4 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान कीमतों में नरमी आ गई।
मिल डिलीवरी भाव
इसके तहत चीनी का मिल डिलीवरी मूल्य पूर्वी उत्तर प्रदेश में एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 50-55 रुपए प्रति क्विंटल, पंजाब में 56 रुपए तथा बिहार में 61 रुपए प्रति क्विंटल घट गया। लेकिन मध्य प्रदेश में 30 रुपए तथा गुजरात में 10 से 40 रुपए तक बढ़ गया।
हाजिर भाव
हाजिर बाजार में उठाव कम होने से कीमतों में नरमी देखी गई। चीनी का भाव दिल्ली में 30 रुपए गिरकर 4350/4450 रुपए प्रति क्विंटल, इंदौर में 40 रुपए घटकर 4100/4200 रुपए प्रति क्विंटल तथा रायपुर में 50 रुपए घटकर 4100/4200 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
मुम्बई
मुम्बई (वाशी) तथा कोलकाता मार्केट में चीनी का दाम पिछले स्तर पर ही बरकरार रहा और इसके नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य में भी कोई बदलाव नहीं हुआ। लेकिन चीनी का टेंडर मूल्य महाराष्ट्र में 15-20 रुपए सुधरकर 3720 /3880 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक म 70-90 रुपए उछलकर 3725/3950 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
खरीद / बिक्री
दरअसल मिलर्स और निर्यातकों के बीच चीनी की कीमतों पर आम सहमति नहीं बन पा रही है। मिलर्स को घरेलू प्रभाग में बिक्री के लिए चीनी का अच्छा दाम मिल रहा है इसलिए वे चाहते हैं कि निर्यातक इससे भी ऊंचे मूल्य पर इसकी खरीद करे। निर्यातकों की नजर वैश्विक बाजार पर टिकी है जहां चीनी कै दाम में सामान्य उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
कोटा
फरवरी माह के लिए चीनी का फ्री सेल कोटा भी इतना बड़ा नहीं है कि वह मिलों के लिए भार साबित हो। घरेलू मांग एवं खपत की स्थिति सामान्य बनी हुई है इसलिए बाजार में थोड़े बहुत उतार-चढ़ाव के बावजूद मिलर्स को चीनी के कारोबार में लाभ हासिल हो रहा है।
