साप्ताहिक समीक्षा- चीनी

12-Apr-2025 07:18 PM

मांग कमजोर पड़ने से चीनी का भाव नरम 

नई दिल्ली। हालांकि गर्मी का मौसम जोर पकड़ने लगा है और चीनी की घरेलू तथा औद्योगिक खपत अच्छी हो रही है लेकिन 5-11 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान कारोबार कुछ कम होने से कीमतों में थोड़ी नरमी दर्ज की गई। 
मिल डिलीवरी भाव 
चीनी का मिल डिलीवरी भाव पूर्वी, उत्तर प्रदेश में 35 रुपए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 रुपए तथा पंजाब में 50 रुपए प्रति क्विंटल नीचे गिर गया और मध्य प्रदेश में 3980/4070 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर बरकरार रहा जबकि बिहार में 20 रुपए की वृद्धि के साथ 4080/4100 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आ गई। 
हाजिर भाव 
मिल डिलीवरी भाव कमजोर पड़ने से चीनी का हाजिर बाजार भाव मूल्य भी नरम हो गया। दिल्ली में यह 20 रुपए गिरकर 4300/4380 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 25 रुपए घटकर 4125/4225 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया जबकि इसका भाव रायपुर में 4150/4250 रुपए प्रति क्विंटल, मुम्बई (वाशी) में 3950/4100 रुपए तथा कोलकाता में 4275/4400 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर बना रहा। चीनी के नाका पोर्ट डिलीवरी भाव तथा टेंडर मूल्य में भी ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया मगर कर्नाटक में टेंडर मूल्य 55-65 रुपए तेज रहा। 
कोटा 
केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने अप्रैल के लिए 23.50 लाख टन चीनी का फ्रीसेल कोटा जारी किया है जो मार्च के कोटा 23 लाख टन से 50 हजार टन ज्यादा है। औद्योगिक मांग में वृद्धि होने, गर्मी की तीव्रता बढ़ने तथा गुड़ का उत्पादन सीजन लगभग समाप्त होने के कारण चीनी का उपयोग बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। इसे देखते हुए यह 23.50 लाख टन का कोटा ज्यादा बड़ा प्रतीत नहीं होता है। आगामी दिनों के दौरान चीनी का घरेलू बाजार भाव सीमित उतार-चढ़ाव के साथ एक निश्चित सीमा घूमता रह सकता है।
निर्यात  
ऊंचे घरेलू भाव के कारण चीनी का निर्यात प्रदर्शन कुछ ढीला पड़ गया है। अभी तक देश से करीब 3 लाख टन चीनी का निर्यात शिपमेंट हो सकता है जबकि पूरे मार्केटिंग सीजन के लिए सरकार ने 10 लाख टन का निर्यात कोटा निर्धारित किया है। 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 सीजन के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में 50-60 लाख टन की भारी गिरावट आने की संभावना है।