साप्ताहिक समीक्षा - चीनी
10-May-2025 07:55 PM
मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप चीनी के दाम मिश्रित रुख
नई दिल्ली। मई माह के लिए 23.50 लाख टन चीनी का सामान्य फ्री सेल कोटा जारी किया गया है जो अप्रैल के लिए नियत कोटे के बराबर है। मई में भीषण गर्मी पड़ती है और इसलिए चीनी की औद्योगिक मांग बढ़ जाती है। शीतल पेय पदार्थों एवं आइसक्रीम आदि के निर्माण में चीनी का इस्तेमाल काफी बढ़ जाता है। 3 से 9 मई वाले सप्ताह के दौरान मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप चीनी के दाम में कहीं तेजी तो कहीं नरमी देखी गई।
मिल डिलीवरी भाव
उत्तर प्रदेश में मिल डिलीवरी भाव घट गया जबकि पंजाब एवं मध्य प्रदेश में कुछ सुधर गया। बिहार में स्थिरता रही मगर गुजरात में यह 10-20 रुपए प्रति क्विंटल ऊंचा हो गया। गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का सीजन लगभग समाप्त हो चुका है और अप्रैल 2025 के अंत तक इसके घरेलू उत्पादन में करीब 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
हाजिर भाव
चीनी का हाजिर बाजार भाव समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली में 50 रुपए घटकर 4300/4400 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 30 रुपए गिरकर 4170/4270 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। रायपुर में यह 4125/4200 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर बरकरार रहा मगर मुम्बई (वाशी) मार्केट में 10 रुपए फिसलकर 3950/4150 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। वहां नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी 10 रुपए की गिरावट के साथ 3900/4100 रुपए प्रति क्विंटल पर अटक गया। कोलकाता में चीनी का हाजिर मूल्य 20-30 रुपए मजबूत रहा।
टेंडर
चीनी के टेंडर मूल्य में भारी गिरावट देखी गई। महाराष्ट्र में यह 125 रुपए तक घटकर 3765-3890 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक में 20 रुपए गिरकर 3765/3845 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। गन्ना के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में 15 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है जिससे अगले मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर - 2025- सितम्बर - 2026) में लागत खर्च में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। इस्मा ने सरकार से इसके अनुपात में चीनी के एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि करने का आग्रह किया है। चीनी के एमएसपी में लम्बे समय से बदलाव नहीं किया गया है।
