साप्ताहिक समीक्षा- चीनी
07-Jun-2025 01:42 PM
कमजोर मांग के कारण चीनी के दाम में नरमी
नई दिल्ली। घरेलू प्रभाग में गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का मुख्य सीजन समाप्त हो चुका है। अगले महीने से कर्नाटक एवं तमिलनाडु में विशेष सत्र आयोजित होगा जो सितम्बर तक जारी रहेगा।
उत्पादन / कोटा
इस सत्र में 3.50-4.00 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है। सरकार ने जून माह के लिए 23 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा जारी किया है जिसे सामान्य माना जा रहा है।
कीमतें
आमतौर पर नए फ्री सेल कोटे की प्रतिक्रिया में चीनी का भाव कुछ तेज हो जाता है लेकिन ग्रीष्मकालीन महीना होने के बावजूद जून के प्रथम सप्ताह के दौरान कीमतों में नरमी का माहौल देखा गया जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इसकी औद्योगिक मांग कमजोर चल रही है। वैसे देश के अधिकांश भागों में वर्ष की कमी एवं ऊंचे तापमान से गर्मी का प्रकोप जारी है।
मिल डिलीवरी भाव
31 मई से 6 जून वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में बिहार में 81 रुपए प्रति क्विंटल, पंजाब में 80 रुपए, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40 रुपए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 रुपए तथा मध्य प्रदेश में 10 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। गुजरात में भी भाव 20-30 रुपए प्रति क्विंटल नरम रहा जबकि वहां भीषण गर्मी का दौर जारी है।
हाजिर भाव
मिल डिलीवरी भाव नरम रहने से चीनी के हाजिर बाजार मूल्य में भी गिरावट दर्ज की गई। इसका दाम दिल्ली में 50 रुपए घटकर 4240/4340 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में भी 50 रुपए घटकर 4100/4200 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। छत्तीसगढ़ के रायपुर में चीनी का हाजिर बाजार मूल्य 15-20 रुपए गिरकर 4110/4200 रुपए प्रति क्विंटल तथा कोलकाता में 30 रुपए गिरकर 4250/4350 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
मुम्बई
चीनी का भाव मुम्बई (वाशी) मार्केट में 3910/4110 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा और नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य में भी 3860/4060 रुपए के स्तर पर कोई बदलाव नहीं हुआ। लेकिन महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी के टेंडर मूल्य में कुछ सुधार दर्ज किया गया।
