साप्ताहिक समीक्षा- चीनी
05-Jul-2025 05:36 PM
मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप चीनी के दाम में मिश्रित रुख
नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा जुलाई माह के लिए 22 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा जारी किया गया है जबकि जून माह के कोटे से करीब 1.50 लाख टन अनबिका स्टॉक भी मौजूद है। इससे आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति बेहतर रहेगी।
सुस्त लिवाली
दूसरी ओर उद्यमियों एवं व्यापारियों की लिवाली कुछ सुस्त देखी जा रही है। इसके फलस्वरूप 28 जून - 4 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में 20-30 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी रही मगर हाजिर बाजार भाव कुछ तेज देखा गया। टेंडर मूल्य में भी मिश्रित रुख रहा।
मिल डिलीवरी भाव
समीक्षाधीन अवधि के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी भाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में 35 रुपए प्रति क्विंटल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 रुपए प्रति क्विंटल तथा पंजाब, मध्य प्रदेश एवं बिहार में 20-20 रुपए प्रति क्विंटल घट गया। गुजरात में भी 5-10 रुपए की नरमी रही।
हाजिर भाव
दूसरी ओर चीनी का हाजिर बाजार मूल्य दिल्ली में 40 रुपए बढ़कर 4170/4360 रुपए प्रति क्विंटल और रायपुर (छत्तीसगढ़) में 50 रुपए बढ़कर 4125/4200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया जबकि इंदौर में 4100/4200 रुपए प्रति क्विंटल तथा मुम्बई (वाशी) में 3890/4090 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर बरकरार रहा। उधर कोलकाता में चीनी का हाजिर भाव 10-20 रुपए की नरमी के साथ 4250/4350 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
टेंडर
महाराष्ट्र एवं कर्नाटक में चीनी के टेंडर मूल्य में भारी तेजी-मंदी नहीं रही। महाराष्ट्र में टेंडर मूल्य 3770-3855 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक में 3780/3915 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। चीनी का नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य 3840/4040 रुपए प्रति क्विंटल के पुराने स्तर पर स्थिर रहा।
निर्यात
चीनी का निर्यात प्रदर्शन उत्साहवर्धक नहीं है और घरेलू कारोबार भी सुस्त पड़ गया है। देश के अनेक राज्यों में मानसून की जोरदार बारिश हो रही है और तापमान घटकर नीचे आ गया है। कई क्षेत्रों में बाढ़ का परिदृश्य उत्पन्न हो गया है और यातायात में कठिनाई होने लगी है।
तेजी-मंदी
इससे खासकर औद्योगिक मांग प्रभावित हो रही है जबकि चीनी की कीमतों में तेजी-मंदी लाने में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहता है। नए कोटे की प्रतिक्रिया में अक्सर चीनी का घरेलू बाजार भाव माह के शुरूआती कुछ दिनों तक मजबूत रहता है और इसमें थोड़ी तेजी भी आती है लेकिन इस बार कीमतों में नरमी का ही माहौल देखा गया।
