साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
01-Aug-2026 07:17 PM
मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप गेहूं में मिश्रित रुख
नई दिल्ली। खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत सरकारी गेहूं की बिक्री के लिए अभी ई-नीलामी शुरू नहीं है और न ही खाद्य निगम को इसका कोटा आवंटित किया गया है। प्रमुख उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में गेहूं की आपूर्ति सामान्य ढंग से हो रही है इसलिए मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों की मांग एवं लिवाली के अनुरूप 25.31 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान इसका भाव कहीं तेज तो कहीं नरम देखा गया।
दिल्ली
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गेहूं का दाम दिल्ली में 15 रुपए सुधरकर 2850/2865 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। ध्यान देने की बात है कि दिल्ली गेहूं का उत्पादक केन्द्र नहीं बल्कि खपतकर्ता (व्यापारिक) बाजार है।
आवक
सप्ताह के दौरान यहां 7 से 11 हजार बोरी गेहूं की दैनिक आवक दर्ज की गई। गुजरात के राजकोट में गेहूं का भाव 100 रुपए तथा मध्य प्रदेश के इंदौर में 20 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया लेकिन उज्जैन में 100 रुपए गिरकर 2500/2650 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
राजस्थान / उत्तर प्रदेश
राजस्थान के कोटा में गेहूं का दाम 2600/2750 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा जकी बूंदी में 25 रुपए गिरकर 2525/2600 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। उत्तर प्रदेश की मंडियों में मिश्रित रुख देखा गया। कुछ मंडियां थोड़ी तेज हुई जबकि अन्य मंडियां नरम पड़ गईं।
स्टॉक
सरकारी गोदामों में गेहूं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है मगर खाद्य मंत्रालय इसे नीचे दाम पर बेचने के मूड में नहीं है। ओएमएसएस के तहत गेहूं का न्यूनतम आरक्षित मूल्य ऊंचा रखा गया है जबकि उस पर अलग से किराया-भाड़ा भी जोड़ा जाएगा। इससे सरकारी गेहूं की बिक्री में अभी बाधा पड़ सकती है।
