साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
29-Mar-2025 07:21 PM
उत्पादक राज्यों में नया माल आने से दिल्ली में गेहूं का भाव लुढ़का
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान जैसे प्रांतों में नए गेहूं की आवक शुरू हो चुकी है जिससे कीमतों पर दबाव पड़ने लगा है। दिल्ली में मुख्यतः इन्हीं तीन राज्यों से गेहूं पहुंचता है।
दिल्ली
पिछले कुछ सप्ताहों से दिल्ली में गेहूं के दाम में नरमी का माहौल बना हुआ है। 22-28 मार्च वाले सप्ताह के दौरान भी वहां कीमतों में 150 रुपए प्रति क्विंटल की भारी गिरावट दर्ज की गई जिससे उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के गेहूं का भाव घटकर 2680/2700 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। एमपी के गेहूं का भी वही भाव रहा। सप्ताह के शुरूआती चार दिनों तक दिल्ली में 3500-4500 बोरी गेहूं की दैनिक आवक हुई जो बाद में बढ़कर 10 हजार बोरी पर पहुंच गई।
आवक
गुजरात की राजकोट मंडी में 10-15 हजार बोरी, मध्य प्रदेश की इंदौर मंडी में 6-8 हजार बोरी तथा राजस्थान की कोटा मंडी में 30-40 हजार बोरी गेहूं की दैनिक आवक होने लगी है।बूंदी मंडी में भी 10-12 हजार बोरी गेहूं रोजाना पहुंच रहा है। इधर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गेहूं की दैनिक आवक बढ़ते हुए 20 हजार बोरी पर पहुंच गई है जबकि अन्य मंडियों में आवक कम हो रही है। कोटा में 27 मार्च को 50 हजार तथा 28 मार्च को 75 हजार बोरी गेहूं आया जिससे कीमत पर दबाव बना रहा। वहां गेहूं का भाव 2350/2600 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। आगामी समय में गेहूं की आवक में भारी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।
भाव
उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान की अधिकांश मंडियों में गेहूं का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास या उससे नीचे आ गया है जिससे सरकारी एजेंसियों तथा व्यापारिक फर्मों को इसकी खरीद में अच्छी सफलता मिलने की संभावना है। 31 मार्च के बाद गेहूं पर से स्टॉक सीमा समाप्त हो जाएगी लेकिन प्राइवेट खरीदारों को प्रत्येक शुक्रवार को अपने स्टॉक का विवरण सरकारी पोर्टल पर देना अनिवार्य होगा ताकि सरकार यह पता लगा सके कि किसने कितना गेहूं खरीदा और किसके पास इसका कितना स्टॉक बचा हुआ है।
सरकारी खरीद
सरकार ने इस बार 310 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है और उसकी उम्मीद पंजाब तथा हरियाणा के साथ-साथ मध्य प्रदेश एवं राजस्थान पर भी केन्द्रित है जहां किसानों को अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है। राजस्थान में गेहूं की क्वालिटी से सम्बन्धित नियमों- शर्तों में भी रियायत दी गई है। यूपी तथा बिहार पर व्यापारियों की नजर टिकी हुई है।
