साप्ताहिक समीक्षा - गेहूं
12-Apr-2025 08:07 PM
नए माल की आवक एवं खरीदारों की लिवाली से गेहूं में उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली। सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में गेहूं की नई फसल की कटाई-तैयारी तथा मंडियों में आपूर्ति आरंभ हो चुकी है और सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ प्राइवेट फर्मों तथा फ्लोर मिलर्स द्वारा इसकी खरीद भी की जा रही है। इसके फलस्वरूप 5-11 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव कहीं तेज तो कहीं नरम देखा गया।
दिल्ली
दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं का दाम 15 रुपए फिसलकर 2615/2620 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में स्थानीय गेहूं का मूल्य 415 रुपए लुढ़ककर 2400/2610 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
मध्य प्रदेश / राजस्थान
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में किसानों से 2600 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 2575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की सरकारी खरीद की जा रही है क्योंकि वहां 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर क्रमश: 175 रुपए तथा 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव मध्य प्रदेश के देवास में 250 रुपए तथा राजस्थान के बारां मने 222 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया जबकि अन्य मंडियों में इसकी कीमतों में 10 से 50 रुपए प्रति क्विंटल तक का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।
उत्पादन
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के रबी सीजन में गेहूं का घरेलू उत्पादन बढ़कर 1154 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जबकि उद्योग-व्यापार क्षेत्र के उत्पादन अनुमान इससे काफी छोटा है।
खरीद लक्ष्य
खाद्य मंत्रालय द्वारा इस वर्ष 313 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो पिछले साल की कुल वास्तविक खरीद 266 लाख टन से 47 लाख टन ज्यादा है। मंत्रालय को यह लक्ष्य आसानी से हासिल हो जाने की उम्मीद है।
स्टॉक
चूंकि केन्द्रीय पूल में पहले से ही 100 लाख टन से अधिक गेहूं का स्टॉक मौजूद है इसलिए यदि सीजन के दौरान 300 लाख टन से ज्यादा की खरीद हुई तो इसकी उपलब्धता बढ़ जाएगी।
सरकारी खरीद
मध्य प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद बेहतर ढंग से हो रही है और राजस्थान में भी खरीद बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। पंजाब में 14 अप्रैल के बाद आवक तेजी से बढ़ेगी। हरियाणा, बिहार तथा उत्तर प्रदेश पर सबका ध्यान केन्द्रित है क्योंकि वहां कोई अतिरिक्त बोनस नहीं दिया जा रहा है।
