साप्ताहिक समीक्षा - गेहूं

10-May-2025 07:42 PM

सरकारी और निजी खरीद जारी रहने से गेहूं के दाम में सुधार 

नई दिल्ली। सरकारी एजेंसी द्वारा 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तथा व्यापारियों फ्लोर मिलर्स द्वारा इससे कुछ ऊंचे दाम पर किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है जिससे 3-9 वामी वाले सप्ताह के दौरान इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न के थोक मंडी भाव में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। राजस्थान को छोड़कर अन्य राज्यों की मंडियों में गेहूं की आवक भी घटने लगी है। 
एमएसपी पर बोनस  
मध्य प्रदेश और राजस्थान में 175 रुपए एवं 150 रुपए के अतिरिक्त बोनस के साथ क्रमश: 2600 रुपए प्रति क्विंटल एवं 2575 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की सरकारी खरीद हो रही है जबकि शेष राज्यों- पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार एवं गुजरात आदि में 2425 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदा जा रहा है। 
दिल्ली 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं का भाव 50 रुपए सुधरकर 2720-2725 रुपए प्रति  क्विंटल और इंदौर में 80 रुपए बढ़कर 2395/2910 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। हालांकि उज्जैन में भाव 50 रुपए फिसलकर 2425/3000 रुपए प्रति क्विंटल परह गया मगर अन्य मंडियों में या तो स्थिर रहा या कुछ तेज हो गया। 
राजस्थान 
राजस्थान के कोटा एवं बूंदी में गेहूं का भाव क्रमश: 50 रुपए एवं 100 रुपए तेज रहा मगर बारां मंडी में 105 रुपए घटकर 2390/2680 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। उत्तर प्रदेश की लगभग सभी मंडियों में गेहूं का भाव कुछ ऊंचा रहा लेकिन महाराष्ट्र की जालना मंडी में यह 100 रुपए घटकर 2525/3200 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। 
खरीद लक्ष्य 
इस बार सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ प्राइवेट खरीदारों द्वारा भी किसानों से अच्छी मात्रा में गेहूं की खरीद की जा रही है। गेहूं की सरकारी खरीद 280 लाख टन की सीमा को पार कर चुकी है और अब 300 लाख टन की और बढ़ रही है। खाद्य मंत्रालय ने 332.70 लाख टन की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। 
आवक 
दिल्ली में रोजाना 8-10 हजार बोरी गेहूं की आवक हो रही है और बेहतर लिवाली समर्थन के कारण इसका दाम मजबूत बना हुआ है। मध्य प्रदेश में पहले ही गेहूं की भारी आवक हो चुकी है और अब आपूर्ति की रफ्तार धीमी पड़ गई है। केन्द्रीय पूल में गेहूं का अच्छा खासा स्टॉक जमा हो गया है जबकि मिलर्स एवं स्टॉकिस्टों के पास भी गेहूं का ऊंचा स्टॉक है।