साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
26-Jul-2025 07:55 PM
सरकारी स्टॉक की बिक्री में देर होने से गेहूं के भाव में सुधार
नई दिल्ली। हालांकि सरकार ने खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत बेचे जाने वाले गेहूं का न्यूनतम आरक्षित मूल्य 2550 रुपए प्रति क्विंटल पहले ही घोषित कर दिया है मगर बिक्री की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं की है और न ही निकट भविष्य में इसके आरंभ होने का संकेत दिया है। खाद्य सचिव सरकारी गेहूं की नीलामी बिक्री शुरू करने की फिलहाल आवश्यकता नहीं है। इस स्पष्टीकरण के बाद जो फ्लोर मिलर्स एवं प्रोसेसर्स सरकारी गेहूं का इंतजार कर रहे थे वे थोक मंडियों से इसकी खरीद करने के लिए बाध्य हो गए।
दिल्ली
19 से 25 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं का भाव 30 रुपए बढ़कर 2800/2810 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में मिश्रित भाव देखा गया। वहां गेहूं का मूल्य इंदौर एवं डबरा में 50-50 रुपए तथा इटारसी में 25 रुपए बढ़ गया मगर देवास तथा उज्जैन में 50-50 रुपए प्रति क्विंटल घट गया।
आवक
दिल्ली में गेहूं की दैनिक आवक पहले 5-9 हजार बोरी की हो रही थी मगर कीमतों में तेजी के बाद 25 जुलाई को यह बढ़कर 10 हजार बोरी पर पहुंच गई। मध्य प्रदेश की कुछ मंडियों में भी गेहूं की अच्छी आपूर्ति हुई और खरीदारों द्वारा इसकी लिवाली में दिलचस्पी दिखाई गई।
राजस्थान
राजस्थान की मंडियों और खासकर कोटा तथा बूंदी में गेहूं में अच्छा कारोबार हुआ जिससे कीमतों में सुधार देखा गया। गेहूं का भाव कोटा मंडी में 140 रुपए उछलकर 2550/2700 रुपए प्रति क्विंटल तथा बूंदी 50 रुपए बढ़कर 2550/2600 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। कोटा मंडी में औसतन 5-7 हजार बोरी गेहूं की दैनिक आवक हुई।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की मंडियों में भी गेहूं के दाम में सुधार का माहौल रहा। वहां गोंडा में इसका भाव 70 रुपए तेज होकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र की जलना मंडी में भाव 2520/2750 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा। सरकार के पास 50-60 लाख टन गेहूं का अधिशेष स्टॉक है जिसकी बिक्री आगामी महीनों में की जा सकती है। किसानों तथा व्यापारियों / स्टॉकिस्टों के पास भी इसका स्टॉक है लेकिन कीमतों में सुधार के संकेत मिलें लगे हैं।
