साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
09-May-2026 07:35 PM
अच्छी आवक एवं कम लिवाली से गेहूं का भाव नरम
नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की सरकारी खरीद 282 लाख टन से ऊपर पहुंच गई है जो गत वर्ष से महज 5 लाख टन पीछे है। सरकारी क्रय केन्द्रों के साथ-साथ खुली मंडियों में भी गेहूं की अच्छी आवक हो रही है जबकि मांग कुछ कमजोर देखी जा रही है। इसके फलस्वरूप 2-8 मई वाले सप्ताह के दौरान आमतौर पर गेहूं का भाव कुछ नरम रहा मगर कहीं-कहीं इसमें तेजी भी देखी गई।
दिल्ली
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 5 रुपए टूटकर 2690/2725 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। इसके दाम में देवास में 100 रुपए, बूंदी में 75 रुपए, शाहजहांपुर में 66 रुपए, हरदोई में 15 रुपए, सीतापुर में 9 रुपए, गोंडा में 20 रुपए तथा एटा मंडी में 25 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान की अन्य प्रमुख मंडियों में गेहूं का दाम आमतौर पर स्थिर देखा गया। सरकारी खरीद में सुधार आने के बावजूद अधिकांश थोक मंडियों में गेहूं का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी 2585 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे चल रहा है।
गेहूं खरीद
आपूर्ति एवं उपलब्धता की सुगम स्थिति एवं सरकारी नीतियों में अनिश्चितता के कारण उद्योग-व्यापार क्षेत्र इस बार गेहूं की खरीद में काफी सावधानी दिखा रहा है। पिछले मार्केटिंग सीजन में उसे गेहूं के कारोबार में भारी वित्तीय घाटा उठाना पड़ा।
निर्यात कोटा
सरकार अक्सर गेहूं पर स्टॉक सीमा लागू कर देती है जिससे व्यापारियों को लागत खर्च से भी कम दाम पर अपना माल बेचने के लिए विवश होना पड़ता है। 50 लाख टन गेहू एवं 10 लाख टन गेहूं उत्पादों का निर्यात कोटा भी बाजार की धारणा को बदलने में सफल नहीं हो रहा है।
