साप्ताहिक समीक्षा - हल्दी

19-Jul-2025 08:48 PM

हल्दी बिजाई 30/35 प्रतिशत अधिक  :  आगामी दिनों में तेजी की संभावना 
 
नई दिल्ली। हालांकि चालू सीजन के दौरान सभी उत्पादक राज्यों में हल्दी की बिजाई का रकबा बढ़ा है लेकिन हाजिर में माल का स्टॉक कम रह जाने के कारण आगामी दिनों में कीमतों में तेजी की संभावना व्यक्त की जा रही है। उल्लेखनीय है कि विगत कुछ समय से हल्दी में निर्यात एवं लोकल व्यापार कम होने से कीमतों में नरमी बनी हुई है लेकिन संभावना व्यक्त की जा रही है अगस्त से निर्यात में वृद्धि दर्ज की जाएगी। और कीमतों में भी सुधार होगा। चालू सप्ताह के दौरान हाजिर बाजारों के अलावा वायदा बाजार में भी हल्दी के भाव नरमी के साथ बोले गए हैं। 
बिजाई 
जानकार सूत्रों का कहना है कि अधिकतम उत्पादक राज्यों में हल्दी की बिजाई का कार्य सम्पन्न हो गया है। अभी तक मिली जानकारी के अनवर मराठवाड़ा के अलावा सांगली लाइन एवं निजामाबाद  लाइन पर हल्दी की बिजाई 30/35 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर की गई है। आंध्र प्रदेश में बिजाई का कार्य शुरू हो गया है। अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि बिजाई का क्षेत्रफल 20/25 अधिक रहेगा। 
आवक कम  
गिरती कीमतों एवं कमजोर स्टॉक के कारण मंडियों में हल्दी की आवक काफी कम रह गई है। सूत्रों का कहना है कि मराठवाड़ा की नांदेड एवं बसमतनगर मंडी को छोड़कर अन्य उत्पादक केन्द्रों पर आवक न्यूनतम स्तर पर आ गई है। इरोड मंडी में आवक 500/600 बोरी की रह गई है जबकि निजामाबाद में आवक 1400/1500 बोरी की हो रही है। इसके अलावा सांगली में आवक 900/1000 बोरी की चल रही है। हिंगोली एवं बसमतनगर में आवक 4000/5000 बोरी की हो रही है। 
स्टॉक अनुमान 
जानकार का कहना है कि मराठवाड़ा लाइन को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में हल्दी का स्टॉक काफी कम रह गया है। अनुमान व्यक्त किया जा रहा है कि मराठवाड़ा (हिंगोली, बसमत, नांदेड) के किसानों के पास अभी भी 13/15 लाख बोरी हल्दी का स्टॉक है। जबकि अन्य राज्यों में स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है। जानकारों का मानना है कि वर्तमान में खपत केन्द्रों एवं उत्पादक राज्यों में हल्दी का स्टॉक 40/42 लाख बोरी के आसपास माना जा रहा है। जोकि नई फसल आने तक पर्याप्त नहीं है नई फसल की आवक फरवरी-मार्च माह में शुरू होगी। एक अनुमान के अनुसार वर्तमान में निजामाबाद 4/5 लाख बोरी, इरोड 4/5 लाख बोरी के अलावा सांगली में भी 3/4 लाख बोरी का स्टॉक माना जा रहा है। जबकि दुग्गीराला एवं वारंगल में स्टॉक 4/5 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा खपत केन्द्रों पर स्टॉक 8/10 लाख बोरी होने की संभावना है। 
मन्दा-तेजी 
सूत्रों का मानना है कि हल्दी की वर्तमान कीमतों में अब अधिक मंदे की संभावना नहीं है। जहां तक तेजी का सवाल है वह आगामी दिनों में बारिश एवं निर्यात मांग पर निर्भर करेगा। विदेशों में हालात अच्छे नहीं होने के कारण विगत कुछ समय से हल्दी का निर्यात प्रभावित हो रहा है। संभावना व्यक्त की जा रही है। अगस्त-सितम्बर माह में हल्दी में निर्यात मांग निकलेगी। उस स्थिति में भाव बढ़ सकते हैं। जुलाई माह के दौरान भाव 3/5 रुपए प्रति किलो मन्दा-तेजी के बीच ही बने रहेंगे। वर्तमान में दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पोलिश गट्ठा का भाव 135/138 रुपए चल रहा है। 
निर्यात 
वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान मात्रात्मक रूप में हल्दी का निर्यात 9 प्रतिशत बढ़ा है जबकि आय में 54 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 के दौरान हल्दी का निर्यात 162018.46 टन का किया गया था और निर्यात से प्राप्त आय 1875.86 करोड़ ही रही थी, जबकि वर्ष 2024-25 में निर्यात 176325.34 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 2885.39 करोड़ की रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के प्रथम दो माह अप्रैल-मई के दौरान हल्दी का निर्यात 34162 टन का किया गया है। हालांकि अप्रैल में निर्यात कम रहा लेकिन मई माह के दौरान निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल- 2025 में हल्दी का निर्यात 14957 टन का हुआ जोकि मई माह में बढ़कर 19205 टन का हो गया।