साप्ताहिक समीक्षा-जीरा
22-Mar-2025 08:22 PM
जीरा कीमतों में तेजी
मुम्बई। चालू सप्ताह के दौरान जीरा कीमतों में तेजी रही। हालांकि प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात की मंडियों में नए जीरे की आवक अच्छी रही। लेकिन वायदा के बढ़ते भाव एवं निर्यातकों की अच्छी मांग के कारण हाजिर बाजारों में जीरे के दाम 10/ 15 रुपए प्रति किलो तेजी के साथ बोले गए। वायदा बाजार में भी मार्च माह का जीरा 22090 रुपए पर बंद हुआ जबकि सप्ताह के शुरू में भाव 20560 रुपए खुला था। अप्रैल माह का जीरा 20955 रुपए खुलने के पश्चात सप्ताह के अंत में 22220 रुपए पर बंद हुआ।
आवक
वर्तमान में गुजरात की मंडियों के अलावा राजस्थान की मंडियों में भी नए जीरे की दैनिक आवक बढ़नी शुरू हो गई है। गुजरात की प्रमुख मंडी ऊंझा में जीरे की दैनिक आवक लगभग 50 हजार बोरी की हो रही है। जबकि राजकोट में 10/11 हजार बोरी एवं गोंडल 4000/5000 बोरी की चल रही है। हलवद, बोटाद, मोरबी आदि मंडियों में भी आवक अच्छी चल रही। कुल मिलाकर गुजरात की मंडियों में जीरे की दैनिक आवक लगभग 1 लाख बोरी के आसपास चल रही। राजस्थान की मेड़ता मंडी में भी आवक 10/15 हजार बोरी नागौर, 7/8 हजार बोरी एवं जोधपुर 5/6 हजर होने लगी है। सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में राजस्थान की मंडियों में आवक बढ़ेगी।
उत्पादन
बिजाई कम होने के कारण चालू सीजन के दौरान देश में जीरा उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार है। चालू माह के शुरू में गोवा में सम्पन्न हुए मसाला सेमिनार में फिस्स द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जीरा उत्पादन 97.94 लाख बोरी का रहेगा। जबकि गत वर्ष उत्पादन अनुमान 1.12 करोड़ बोरी के लगाए गए थे। गुजरात में इस वर्ष जीरा उत्पादन 45.74 लाख बोरी का माना गया है। जबकि गत वर्ष उत्पादन 48.15 लाख बोरी का रहा था। राजस्थान में उत्पादन गत वर्ष के 64.27 लाख बोरी के मुकाबले 52.19 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि गत सीजन में उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण बिजाई क्षेत्रफल में प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। गत वर्ष देश में जीरे की बिजाई 12.64 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जबकि चालू सीजन के लिए बिजाई का क्षेत्रफल 11.71 लाख हेक्टेयर का रहा।
मंदा-तेजी
कारोबारियों का मानना है कि भाव काफी घट जाने के कारण जीरा की मांग में अधिक मंदा संभव नहीं है। लेकिन हाल-फिलहाल वर्तमान कीमतों में अधिक तेजी की संभावना भी नहीं है। क्योंकि हाल ही में आई 10/15 रुपए तेजी के पश्चात मंडियों में आवक दबाव बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे है। जिस कारण कीमतों में 5/7 रुपए की गिरावट दर्ज की जा सकती है। आगामी दिनों में राजस्थान में नए जीरे की आवक भी बढ़नी शुरू हो जाएगी। जिस कारण से अप्रैल माह के दौरान जीरा कीमतों में 5/8 रुपए प्रति किलो का मंदा चलता रहेगा। चालू सप्ताह के दौरान जीरा निर्यात कीमतों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई। चालू सप्ताह के शुरू में सिंगापुर 1 प्रतिशत मशीन क्लीन जीरे का भाव 4160 रुपए प्रति 20 किलो बोला जा रहा था जोकि वर्तमान में बढ़कर 4400 रुपए प्रति 20 किलो का हो गया है। सूत्रों का कहना है कि अधिक मंदा तेजी का अनुमान जून-जुलाई माह में आने वाली टर्मि एवं सीरिया की फसल पर निर्भर करेगा।
निर्यात
गत सीजन में जीरे के भाव मंदे कारण जीरा का शानदार निर्यात किया गया। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-दिसम्बर- 2024 के दौरान जीरा का निर्यात 178846.56 टन का किया गया। और निर्यात से प्राप्त आय 4909 करोड़ करोड़ रुपए की आय प्राप्त हुई। जबकि अप्रैल-दिसम्बर- 2023 में जीरा जीरा का निर्यात 106905 टन का किया गया था और निर्यात से प्राप्त आय- 4034 करोड़ रुपए की रही थी इस प्रकार निर्यात मात्रा में जहां 67 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी वहीं आय में केवल 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 (अप्रैल-मार्च) के दौरान जीरे का कुल निर्यात 165269 टन का हुआ था। वर्ष 2020-21 के दौरान जीरे का रिकॉर्ड निर्यात 298423 टन का किया गया था।
