साप्ताहिक समीक्षा - जीरा
10-May-2025 07:34 PM
जीरा कीमतों में गिरावट : निर्यात मांग कम
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान जीरा कीमतों में मंदा रहा। हालांकि उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर दैनिक का आवक काफी रह गई है। लेकिन निर्यात एवं लोकल मांग कम रह जाने के कारण हाजिर एवं वायदा में भाव लगातार घट रहे हैं। वर्तमान हालात को देखते हुए अभी हाल-फिलहाल तेजी की संभवना भी नहीं है। सूत्रों का कहना है कि भारत-पाक के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन जाने के कारण निर्यात प्रभावित हो रहा है। जिस कारण से कीमतें नहीं बढ़ रही हैं। जब तक हालत सामान्य नहीं हो जाते तब तक बाजार में तेजी संभव नहीं है। चालू सप्ताह के शुरू में वायदा में मई माह का जीरा 22300 रुपए खुलने के पश्चात 21040 रुपए पर बंद हुआ है जबकि जून माह का जीरा 22510 रुपए खुला एवं सप्ताह के अंत में 21260 रुपए पर बंद हुआ।
कुल आवक
जानकार सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन की गुजरात की मंडियों में अभी तक लगभग 35/36 लाख बोरी की आवक हो चुकी है। चालू सीजन के दौरान गुजरात में जीरे का उत्पादन अनुमान 42/44 लाख बोरी का लगाया गया था। राजस्थान की मंडियों में अभी तक नए जीरे की कुल आवक 14/15 लाख बोरी होने के समाचार है जबकि चालू सीजन में उत्पादन 48/50 लाख बोरी माना जा रहा है। वर्तमान में गुजरात की प्रमुख मंडी ऊंझा में जीरे की दैनिक आवक 6000 बोरी के आसपास चल रही है जबकि राजस्थान की मेडता, नागौर मंडी में आवक 2000/2500 बोरी की हो रही है।
उत्पादन
बिजाई क्षेत्रफल में गिरावट आने के कारण चालू सीजन के दौरान देश में जीरा उत्पादन गत वर्ष की तुलना में कम माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष देश में जीरा उत्पादन लगभग 1.10 करोड़ बोरी का रहा था जोकि इस वर्ष घटकर 90/92 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। सूत्रों का मानना है कि राजस्थान में उत्पादन 48/50 लाख बोरी एवं गुजरात 42/44 लाख बोरी के आसपास रहेगा।
कीमतों में गिरावट
हालांकि मंडियों में जीरे की दैनिक आवक सीमित चल रही है लेकिन उठाव न होने के कारण कीमतों में गिरावट बनी हुई है चालू सप्ताह के दौरान हाजिर बाजारों में जीरे के दाम 8/10 रुपए प्रति किलो तक मंदे के साथ बोले गए। वर्तमान स्थिति को देखते हुए अभी कीमतों में तेजी की संभावना भी नहीं है लेकिन भाव न्यूनतम स्तर पर आ जाने के कारण वर्तमान कीमतों में अब अधिक मंदा संभव नहीं है। सूत्रों का कहना है कि आवक कम होने के कारण राजस्थान के किसानों ने माल रोकना शुरू कर दिया है जिस कारण से मंडियों में आवक घट गई है। किसान आवक बढ़ने पर मंडियों में माल लाएगा। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष मई - 2024 में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर जीरे के दाम 260/280 रुपए चल रहे तेह जबकि वर्तमान में भाव 200/225 रुपए बोले जा रहे हैं। जीरा निर्यात का भाव भी जोकि चालू सप्ताह के शुरू में 4600 रुपए प्रति 20 किलो बोला जा रहा था सप्ताह के अंत में घटकर 4375 रुपए पर आ गया है।
निर्यात अधिक
फेडरेशन ऑफ इंडियन स्पाइस स्टॉक होल्डर्स (फिस्स) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मार्च- 2024 से फरवरी- 2025 के दौरान जीरा निर्यात 4542400 (प्रत्येक बोरी 55 किलो) बोरी का किया गया है जबकि गत वर्ष मार्च- 2023 - फरवरी- 2024 के दौरान 2812618 बोरी जीरे का निर्यात हुआ था।
