साप्ताहिक समीक्षा- लालमिर्च

20-Dec-2025 07:54 PM

लालमिर्च की आवक शुरू : उत्पादन गत वर्ष से कम 

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश, कर्नाटक एवं तेलंगाना में नए लालमिर्च की आवक शुरू हो गई है। लेकिन सूखे मालों की आवक जनवरी माह में बनेगी। वर्तमान में गुंटूर मंडी में नए मालों की आवक 4/5 हजार बोरी की हो रही है जबकि वारंगल में 200/300 बोरी एवं खम्मम में 50/100 बोरी की आवक  शुरू हो गई है। कर्नाटक की ब्यादगी मंडी में आवक 20/25 हजार बोरी की हो रही है।      
बिजाई कम 
प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में इस वर्ष लालमिर्च की बिजाई 259119 एकड़ में की गई जबकि गत वर्ष बिजाई 363539 एकड़ पर की गई थी। तेलंगाना में बिजाई 138460 एकड़ पर हुई है। गत वर्ष बिजाई 222370 एकड़ पर की गई थी। इससे पूर्व मध्य प्रदेश में भी लालमिर्च की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 50/60 प्रतिशत की हुई थी कर्नाटक में भी बिजाई 35/40 प्रतिशत घटी है। बिजाई घटने के अलावा इस वर्ष मौसम भी फसल के प्रतिकूल रहा। जिस कारण से उत्पादन भी गत वर्ष से कम रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश की 70/75 प्रतिशत फसलों बाजारों में आ चुकी है। मध्य देश में इस वर्ष लालमिर्च का उत्पादन 18/20 लाख बोरी का माना गया है जबकि गत वर्ष उत्पादन 30/32 लाख बोरी का रहा था। 
घटेगा उत्पादन 
बिजाई प्रभावित होने एवं मौसम भी प्रतिकूल होने के कारण दूसरे वर्ष भी देश में लालमिर्च का उत्पादन घटेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में इस वर्ष लालमिर्च का उत्पादन 1.25/1.30 करोड़ बोरी होने की संभावना है जबकि वर्ष 2024 में उत्पादन डेढ़ करोड़ बोरी एवं वर्ष 2023 में 2 करोड़ बोरी का माना गया था।
तेलंगाना में भी बिजाई क्षेत्रफल में 38 प्रतिशत की कमी आने के कारण लालमिर्च का उत्पादन प्रभावित रहेगा। एक अनुमान के अनुसार तेलंगाना में वर्ष 2023 के दौरान लालमिर्च का उत्पादन 75/80 लाख बोरी का रहा था जोकि वर्ष 2024 में घटकर 60/65 लाख बोरी का रह गया। जबकि चालू सीजन के दौरान उत्पादन 50 लाख बोरी तक होने के अनुमान लगाए जा रहे है। 
स्टॉक 
जानकारों का कहना है कि वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च का स्टॉक 25/28 लाख बोरी होने के समाचार हैं जबकि आंध्र प्रदेश में स्टॉक 48/50 लाख बोरी का माना जा रहा है। तेलंगाना में स्टॉक 30/32 लाख बोरी एवं कर्नाटक में 40/42 लाख बोरी स्टॉक होने के समाचार हैं। 
मन्दा तेजी 
सूत्रों का मानना है कि हाल-फिलहाल लालमिर्च की कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है लेकिन जनवरी माह में नए मालों की आवक बढ़ने पर कीमतों में गिरावट आनी चाहिए। मगर आवक का दबाव कम होने के साथ ही कीमतों में फिर तेजी शुरू हो जाएगी। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2026 के दौरान लालमिर्च तेजा का भाव 200 रुपए का स्तर छू सकता है। अगर चीन का निर्यात बढ़ता है तो भाव 2022 का स्तर पार कर सकता है। अक्टूबर- 2022 में गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 2022 का स्तर पार कर सकता है। अक्टूबर-2022 में गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 220/225 रुपए प्रति किलो बन गया था। वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 147/148 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। 
निर्यात 
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम छमाही में लालमिर्च का निर्यात मात्रात्मक रूप में 40 प्रतिशत बढ़ा है जबकि आय में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-सितम्बर- 2025 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 380980 टन का रहा और प्राप्त आय 5233 करोड़ रुपए की रही। जबकि अप्रैल-सितम्बर- 2024 में निरयत 272090 टन का रहा था और प्राप्त आय 4576.29 करोड़ की रही। वर्तमान स्थिति को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है। चालू सीजन 2025-26 के दौरान लालमिर्च का निर्यात गत वर्ष की तुलना में अधिक रहेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024-25 के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 715506 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 11404.90 करोड़ की रही थी।