साप्ताहिक समीक्षा- लालमिर्च
09-May-2026 08:09 PM
लालमिर्च की कीमतों में तेजी : मंदे की संभावना नहीं
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान लालमिर्च के दामों में तेजी दर्ज की गई है। उल्लेखनीय है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते प्रमुख मंडी गुंटूर एवं खम्मम एक माह के लिए बंद हो गई है। जिस कारण से हाजिर में लिवाली का समर्थन अच्छा मिल रहा था। सूत्रों का मानना है कि पैदावार में कमी आने के कारण चालू सीजन के दौरान लालमिर्च की कीमतों में मंदे के आसार नहीं है क्योंकि उत्पादन में कमी के कारण मंडियों में स्टॉक भी गत वर्ष की तुलना में कम हुआ है।
उत्पादन
उल्लेखनीय है कि गत सीजन में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना एवं कर्नाटक में भी लालमिर्च की बिजाई 30/35 प्रतिशत कम क्षेत्रफल पर की गई थी। जिस कारण से चालू सीजन के दौरान आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन सवा करोड़ बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन डेढ़ करोड़ बोरी का माना गया था। तेलंगाना में भी लालमिर्च का उत्पादन गत वर्ष के 60/65 लाख बोरी के मुकाबले 45/50 लाख बोरी होने के समाचार हैं।
स्टॉक कम
उत्पादक केन्द्रों से मिली जानकरी के अनुसार उत्पादक केन्द्रों पर अभी लालमिर्च का स्टॉक कम हुआ है। क्योंकि पैदावार में कमी आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश की प्रमुख मंडी गुंटूर में लालमिर्च का स्टॉक 40/42 लाख बोरी होने के समाचार है जबकि गत वर्ष स्टॉक 52/54 लाख बोरी का हुआ था। इसके अलावा खम्मम में लालमिर्च का स्टॉक 14/15 लाख बोरी माना जा रहा है जबकि गत वर्ष 20/21 लाख बोरी का स्टॉक हुआ था। वारंगल में भी स्टॉक गत वर्ष के 18/19 लाख बोरी के मुकाबले 15/16 लाख बोरी होने के समाचार मिल रहे हैं।
भाव अधिक
कमजोर पैदावार के चलते इस वर्ष लालमिर्च के भाव गत वर्ष की तुलना में अधिक चल रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वर्ष मई के शुरू में गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 132/133 रुपए प्रति किलो चल रहा था जोकि वर्तमान में 205/207 रुपए बोला जा रहा है। लालमिर्च तेजा का भाव 214/215 रुपए पर बोला जा रहा है गत वर्ष इसी समयावधि में भाव 135/136 रुपए चल रहा था। अन्य मंडियों एवं खपत केन्द्रों पर लालमिर्च के भाव गत वर्ष की तुलना में 70/75 रुपए ऊंचे चल रहे हैं।
अधिक मंदा नहीं
जानकारों का मानना है कि लालमिर्च की कीमतों में हाल-फिलहाल मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में अभी भाव और बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। क्योंकि उत्पादक केन्द्रों की मंडियों में अवकाश होने के कारण खपत केन्द्रों पर मांग में वृद्धि होगी। जिस कारण से लालमिर्च के दामों में 20/25 रुपए तेजी आने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं। वर्तमान में दिल्ली बाजार में लालमिर्च तेजा का भाव क्वालिटीनुसार 225/250 रुपए बोला जा रहा है।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 के प्रथम दस माह में लालमिर्च का निर्यात मात्रात्मक रूप में 18 प्रतिशत बढ़ा है लेकिन निर्यात भाव कम मिलने के कारण आय में 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-जनवरी- 2026 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 572757 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 8150.34 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-जनवरी- 2025 में निर्यात 484219 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 7889.78 करोड़ की रही थी।
