साप्ताहिक समीक्षा-मूंगफली

15-Feb-2025 08:10 PM

सरकारी खरीद के बावजूद मूंगफली का भाव समर्थन मूल्य से काफी नीचे  

नई दिल्ली। गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों से 6783 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड मात्रा में मूंगफली की खरीद किए जाने के बावजूद इसके थोक मंडी भाव में तेजी का संकेत नहीं मिल रहा है। इस बार उत्पादन बेहतर हुआ है और मंडियों में अच्छी आवक हो रही है मगर इसके तेल का दाम नरम पड़ गया है और निर्यात प्रदर्शन भी कमजोर देखा जा रहा है। 
आवक 
8-14 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान गुजरात की गोंडल मंडी में 10-12 हजार बोरी तथा राजकोट में 5-10 हजार बोरी मूंगफली की औसत हुई जबकि इसकी मात्रा उत्तर प्रदेश के झांसी में 17 से 33 हजार बोरी, महोबा में 11-13 हजार बोरी तथा मऊरानीपुर में 5-9 हजार बोरी के बीच दर्ज की गई। थोड़ी बहुत लिवाली होने से जयपुर, सोलापुर एवं झांसी में मूंगफली का भाव 100-200 रुपए प्रति क्विंटल तेज हो गया लेकिन कारोबार एवं मरुरानीपुर में इतना ही नीचे आ गया। 
मूंगफली दाना 
छिलका रहित मूंगफली दाना क्रशर्स- प्रोसेसर्स एवं निरय्टकोण की मांग सीमित रही इसलिए कीमतों में कोई विशेष उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। राजस्थान में भाव पिछले स्तर पर ही स्थिर रहा लेकिन महाराष्ट्र में लिवाली होने से मूंगफली दाना का दाम 100 से 400 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गया। विभिन्न मंडियों में मांग एवं कीमत का स्तर अलग-अलग रहा। 
मूंगफली तेल
लूज रूप में मूंगफली तेल की थोड़ी बहुत मांग निकलने से कीमतों में 25-50 रुपए प्रति 10 किलो का सुधार आया जबकि ब्रांडेड तेल का भाव स्थिर रहा। फिल्टर्ड तेल की कीमत मजबूत हुई क्योंकि पहले इसमें नरमी आ गई थी। 
मूंगफली डीओसी 
मूंगफली  डीओसी का कारोबार सुस्त रहने से भाव 500 रुपए प्रति टन नरम पड़ गया। खाद्य तेल बाजार की स्थिति के अनुरूप मूंगफली तेल का दाम भी घटता बढ़ता रहता है।