साप्ताहिक समीक्षा-सरसों

29-Mar-2025 08:33 PM

नई फसल की जोरदार आवक के बावजूद सरसों का भाव तेज 

नई दिल्ली। रबी सीजन की सबसे महत्वपूर्ण तिलहन फसल- सरसों के नए माल की आवक लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन इसके बावजूद 22-28 मार्च वाले सप्ताह के दौरान गुजरात तथा हरियाणा की कुछ मंडियों को छोड़कर अन्य मार्केट में इसके दाम में 100 से 400 रुपए प्रति क्विंटल तक की भारी तेजी दर्ज की गई। इसका कारण सरसों की बेहतर क्वालिटी एवं सूखे माल की अधिक आवक होना बताया जा रहा है। सरसों में नमी का अंश इस बार बहुत कम है और दाने का आकार अपेक्षाकृत बड़ा है जिससे तेल की रिकवरी दर ऊंची बैठ रही है। इसकी खरीद में व्यापारी तथा मिलर्स भारी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। 
42% कंडीशन सरसों 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 150 रुपए सुधरकर 6150 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 200 रुपए बढ़कर 6250 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमतों में भी अच्छी बढ़ोत्तरी हुई। इसका भाव मध्य प्रदेश के मुरैना एवं पोरसा में 175-175 रुपए तथा ग्वालियर में 2.50 रुपए प्रति क्विंटल तेज हुआ। 
राजस्थान 
सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य- राजस्थान की मंडियों में तो और भी जोरदार तेजी दर्ज की गई। दरअसल केन्द्र सरकार एक बार फिर किसान से विशाल मात्रा में सरसों खरीदने जा रही है। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। सरकारी खरीद के दौरान सरसों का भाव ऊंचा एवं तेज हो सकता है इसलिए उससे पूर्व ही मिलर्स एवं व्यापारी इसकी अधिक से अधिक खरीद कर लेना चाहते हैं।
उत्तर प्रदेश 
सरसों का भाव उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 6470 रुपए तथा आगरा में 6700/6800 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर पहुंच गया है। हरियाणा के सिरसा में दाम 300 रुपए प्रति क्विंटल ऊंचा हो गया। 
सरसों तेल 
सरसों की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी होने से एक्सपेलर एवं कच्ची घानी तेल का दाम भी 70 रुपए प्रति 10 किलो तक बढ़ गया। दिल्ली में एक्सपेलर तेल का मूल्य 45 रुपए बढ़कर 1310 रुपए, मुरैना में 50 रुपए बढ़कर 1300 रुपए, भरतपुर में 70 रुपए उछलकर 1320 रुपए तथा गंगानगर में 60 रुपए बढ़कर 1290 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। कच्ची घानी तेल भी लगभग इसी अनुपात में महंगा हुआ। 
उत्पादन अनुमान 
उद्योग-व्यापार संगठनों ने 2024-25 के रबी सीजन में 111.30 लाख टन सरसों के उत्पादन की संभावना व्यक्त की है जो कृषि मंत्रालय के अनुमान 128.70 लाख टन से काफी कम है। घरेलू मंडियों में सरसों की आवक 22 मार्च को 13.50 लाख बोरी हुई थी जो 24 मार्च को उछलकर 15.50 लाख बोरी के शीर्ष स्तर पर पहुंची। इसके बाद 25 मार्च को 14 लाख एवं 26 मार्च को 13.25 लाख बोरी सरसों आई। प्रत्येक बोरी 50 किलो की होती है। 
सरसों खल 
सरसों खल में अच्छा कारोबार होने से भाव 100 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ा और डीओसी में भी 1000 रुपए प्रति टन तक की तेजी दर्ज की गई।