साप्ताहिक समीक्षा- सरसों

09-May-2026 08:02 PM

मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप सरसों में सीमित उतार-चढ़ाव 

नई दिल्ली। आपूर्ति का पीक सीजन होने से प्रमुख मंडियों में सरसों की भारी आवक हो रही है और व्यापरियों / स्टॉकिस्टों द्वारा भी मुनाफावसूली के क्रम में बिक्री का दबाव बढ़ाया जा रहा है। क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों द्वारा अच्छी मात्रा में खरीद की जा रही है। इसके फलस्वरूप 2-8 मई वाले सप्ताह के दौरान मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप सरसों के दाम में 100-150 रुपए प्रति क्विंटल का सीमित उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। अपवाद स्वरुप हरियाणा की सिरसा मंडी में सरसों का दाम 400 रुपए की भारी वृद्धि के साथ 6600 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। 
42% कंडीशन सरसों 
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 7000 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा मगर जयपुर में 75 रुपए गिरकर 7300 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमत गुजरात में कुछ नरम रही मगर हरियाणा एवं मध्य प्रदेश की मंडियों में तेज हो गई। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश के आगरा में भाव 50 रुपए सुधरकर 7550/8100 रुपए पर पहुंचा। सबसे प्रमुख प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में आमतौर पर सरसों के मूल्य में 50-100 रुपए की तेजी-मंदी दर्ज की गई। भरतपुर में भाव 50 रुपए की वृद्धि के साथ 7000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा लेकिन बूंदी में 100 रुपए गिरकर 7200 रुपए पर आ गया। 
सरसों तेल
सरसों तेल- एक्सपेलर एवं कच्ची घानी की कीमतों में मजबूती बरकरार रही। विदेशों से आयातित महंगे खाद्य तेलों के बजाए उपभोक्ता स्वदेशी खाद्य तेल और खासकर सरसों तेल का उपयोग बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं क्योंकि इसका दाम अभी प्रतिस्पर्धी स्तर पर है। 
एक्सपेलर / कच्ची घानी 
समीक्षाधीन अवधि के दौरान दिल्ली में एक्सपेलर तेल का दाम 15 रुपए सुधरकर 1445 रुपए प्रति 10 किलो और भरतपुर में कच्ची घानी तेल का भाव 20 रुपए बढ़कर 1460 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। बीकानेर में एक्सपेलर का मूल्य 80 रुपए बढ़कर 1480 रुपए प्रति 10 किलो हो गया।
आवक  
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान देशभर की मंडियों में रोजाना औसतन 9.50-10.00 लाख बोरी (50 किलो की प्रत्येक बोरी) सरसों की आवक हुई और इसकी लगभग सम्पूर्ण मात्रा की खरीद- बिक्री भी हो गई। 
सरसों खल (डीओसी) 
सरसों खल एवं डीओसी में सामान्य कारोबार हुआ और घरेलू तथा निर्यात मांग कुछ मजबूत रही।