साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन

15-Feb-2025 07:34 PM

रिकॉर्ड सरकारी खरीद का सोयाबीन बाजार पर कोई सकारात्मक असर नहीं 

नई दिल्ली । हालांकि केन्द्रीय एजेंसी- नैफेड द्वारा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं कर्नाटक सहित अन्य प्रमुख उत्तपदक राज्यों में रिकॉर्ड मात्रा में किसानों से 4892 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीद की जा चुकी है लेकिन थोक मंडी भाव पर इसका कोई सकारात्मक असर नहीं देखा जा रहा है। 
प्लांट भाव 
8-14 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। इसे 50 से 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की नरमी देखी गई। इससे उत्पादकों की चिंता एवं कठिनाई बढ़ गई है। 
सोया तेल (रिफाइंड) 
दिलचस्प तथ्य यह है कि सोयाबीन के दाम में गिरावट आने के बावजूद सोया रिफाइंड तेल का भाव 25-40 रुपए प्रति 10 किलो तक बढ़ गया। जनवरी में क्रूड सोयाबीन तेल के आयात में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई और देश में इसका पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध है। समझा जाता है कि अर्जेन्टीना में भयंकर सूखे की वजह से सोयाबीन की फसल प्रभावित हो रही है जिससे सोया तेल का भाव मजबूत होने लगा है। सोया रिफाइंड तेल का दाम कोटा में 15 रुपए, मुम्बई में 10 रुपए, कांडला में 25 रुपए तथा हल्दिया में 60 रुपए प्रति 10 किलो तेज हो गया।
आवक  
राष्ट्रीय स्तर पर थोक मंडियों में सोयाबीन की आवक 10 फरवरी को 2.4 लाख बोरी, 12 फरवरी को 1.30 लाख बोरी, 13 फरवरी को 2.7 लाख बोरी तथा 14 फरवरी को 2.85 लाख बोरी दर्ज की गई। थोक मंडी भाव अत्यन्त कमजोर होने के बावजूद किसानों को अपना स्टॉक उतारने के लिए विवश होना पड़ रहा है। सोपा के मुताबिक अक्टूबर 2024 जनवरी 2025 के चार महीनों में घरेलू मंडियों में कुल 57.50 लाख टन सोयाबीन की आवक होने से क्रशिंग- प्रोसेसिंग इकाइयां सोयाबीन खरीदने में जल्दबाजी नहीं दिखा रही हैं।
सोया खल (डीओसी) 
सोया डीओसी की घरेलू एवं निर्यात मांग भी सप्ताह के दौरान कमजोर रही जिससे इसकी कीमतों में गिरावट का माहौल देखा गया। इसमें 500 से 1500 रुपए प्रति टन तक की नरमी रही। सरकारी एजेंसियों के पास लगभग 20 लाख टन  सोयाबीन का विशाल स्टॉक बताया जा रहा है जिसे आगामी महीनों के दौरान घरेलू बाजार में उतारा जाएगा। इससे आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी रहेगी।