साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन
29-Mar-2025 07:27 PM
तेल और मील की मजबूत मांग से सोयाबीन में तेजी
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों में सोयाबीन की सीमित आवक हो रही है जबकि नीचे दाम पर क्रशर्स-प्रोसेसर्स द्वारा इसकी खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखाई जा रही है। सोया तेल तथा सोया मील की मांग मजबूत होने से मिलर्स को सोयाबीन खरीदने का प्रोत्साहन मिल रहा है। सोया डीओसी की घरेलू एवं निर्यात मांग में सुधार आया है और इसका दाम भी बढ़ गया है।
प्लांट भाव
लम्बे अरसे के बाद मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 22-28 मार्च वाले सप्ताह के दौरान अच्छी तेजी आई। राजस्थान के कोटा में भाव 250-300 रुपए की वृद्धि के साथ 4400/4750 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। इसी तरह मध्य प्रदेश में 100-200 रुपए तक की बढ़ोत्तरी से 4250/4350 रुपए प्रति क्विंटल तथा महराष्ट्र में 200-250 रुपए के इजाफे से ऊंचे में 4600 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। सोयाबीन की औसत दैनिक आवक घटकर 1.10-1.25 लाख बोरी के बीच रह गई।
सोया तेल (रिफाइंड)
सोयाबीन की कीमतों में आई तेजी के कारण सोया रिफाइंड तेल के दाम में भी सुधार दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश की कुछ इकाइयों में इसके मूल्य में 2.50 से 3.30 रुपए प्रति किलो की वृद्धि दर्ज की गई। महाराष्ट्र में भी इसमें 2-4 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ। अधिकांश मिलों में भाव बढ़कर 1300 रुपए प्रति 10 किलो से ऊपर पहुंच गया। इससे बेहतर कारोबार का स्पष्ट संकेत मिलता है। वैश्विक बाजार में सोया तेल का भाव सीमित उतार-चढ़ाव के साथ स्थिर बना रहा। ब्राजील तथा अर्जेन्टीना में सोयाबीन की नई फसल आ रही है जबकि चीन में अमरीकी सोयाबीन का आयात घटने की संभावना है। भारत में सोया तेल का निर्यात बढ़ाने के लिए अमरीका जोर लगा रहा है।
सोया डीओसी
सोया डीओसी की खरीद में पशु आहार / पॉल्ट्री फीड निर्माताओं की अच्छी सक्रियता से इसकी कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। निर्यात मांग भी मजबूत रही। सोयाबीन की आपूर्ति का ऑफ सीजन चल रहा है। सरकार के पास इसका विशाल स्टॉक मौजूद है लेकिन उसे बाजार में उतारने की प्रक्रिय अभी शुरू नहीं हुई है इसलिए मंडियों में आपूर्ति का ज्यादा दबाव नहीं है। सोयाबीन की बिजाई जून में आरंभ होगी।
