साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन

12-Apr-2025 07:24 PM

नीचे दाम पर मिलों की खरीद बढ़ने से सोयाबीन का दाम सुधरा 

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान एवं कर्नाटक जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में सोयाबीन की आपूर्ति की गति धीमी पड़ने तथा क्रशिंग- प्रोसेसिंग इकाइयों की लिवाली बढ़ने से 5-11 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान इस महत्वपूर्ण तिलहन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। 
महाराष्ट्र 
लम्बे अरसे के बाद महाराष्ट्र के हिंगोली की एक इकाई में इसक दाम बढ़कर 4850 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा जो 4892 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से कुछ ही नीचे रहा। लातूर में भी यह 4800 रुपए प्रति क्विंटल से ऊंचा रहा। अन्य केन्द्रों में सोयाबीन का दाम 4500-4600 रुपए प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया। 
आवक 
सोपा के आंकड़ों से पता चलता है कि प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में अक्टूबर 2024 में 18 लाख टन, नवम्बर में 16 लाख टन, दिसम्बर में 12 लाख टन, जनवरी 2025 में 11.50 लाख टन, फरवरी में 8.50 लाख टन तथा मार्च में 6 लाख टन के साथ पूरी छमाही में 72 लाख टन सोयाबीन की आवक हुई जो 2023-24 सीजन की इसी अवधि की आवक 77 लाख टन से 5 लाख टन कम रही।
सोया तेल (रिफाइंड)
सोयाबीन का भाव तेज होने से सोया रिफाइंड तेल के दाम में भी प्रति 10 किलो पर 10-15 रुपए की तेजी देखी गई। मार्च में विदेशों से पाम तेल एवं सूरजमुखी तेल का आयात सामान्य से कम हुआ मगर सोयाबीन तेल का आयात बढ़ गया। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोया रिफाइंड तेल का भाव कोटा में 20 रुपए तथा कांडला में 25 रुपए तेज रहा जबकि मुम्बई में 30 रुपए प्रति 10 किलो नरम पड़ गया। घरेलू मंडियों में 7 अप्रैल को 1.20 लाख बोरी, 8 अप्रैल को 1.40 लाख बोरी तथा 11 अप्रैल को 1.55 लाख बोरी सोयाबीन की आवक हुई जबकि प्रत्येक बोरी 100 किलो की होती है। 
सोया खल (डीओसी)
सोया डीओसी का निर्यात प्रदर्शन सामान्य चल रहा है और घरेलू मांग भी संतोषजनक है। आलोच्य सप्ताह के दौरान इसके दाम में मिश्रित रुख देखा गया। कहीं इसका भाव 1500 रुपए प्रति टन तक बढ़ा तो कहीं 1700 रुपए तक घट गया। इसका मिल डिलीवरी मूल्य 29000 से 35000 रुपए प्रति टन के बीच रहा। ब्राजील में सोयाबीन की अधिकांश फसल कट चुकी है जबकि अर्जेन्टीना में कटाई आरंभ हो गई है।