साप्ताहिक समीक्षा-धान-चावल

29-Mar-2025 08:48 PM

सीमित आवक एवं कमजोर मांग से धान का भाव नरम 

नई दिल्ली। हालांकि केन्द्र सरकार सभी किस्मों एवं श्रेणियों के चावल के निर्यात को सभी नियंत्रणों से पहले ही पूरी तरह मुक्त कर चुकी है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार की हालत फिलहाल अनुकूल नही होने से भारतीय निर्यातकों को कुल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वैश्विक बाजार में बासमती एवं गैर बासमती चावल का निर्यात ऑफर मूल्य घटकर नीचे आने से भारतीय निर्यातकों एवं मिलर्स- प्रोसेसर्स को किसानों से ऊंचे दाम पर धान खरीदने का प्रोत्साहन नहीं मिल रहा है। 
दिल्ली 
22-28 मार्च वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली के नरेला मंडी में 8-10 हजार बोरी धान की दैनिक आवक हुई और सीमित लिवाली के कारण 1121 धान का भाव 100 रुपए गिरकर 3780 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। वैसे नीचे मूल्य पर ताज धान की थोड़ी-बहुत लिवाली होने से उसका भाव 150 रुपए बढ़कर 2200 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। 
छत्तीसगढ़ 
छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा मंडी में 500-600 बोरी धान की रोजाना आवक हो रही है। वहां श्रीराम धान का भाव 100 रुपए नरम पड़ गया। दिल्ली की नजफगढ़ मंडी में भी धान का भाव कुछ मंदा रहा। खरीफ कालीन सामान्य श्रेणी के धान की आवक लगभग बंद हो चुकी है और अप्रैल से कुछ प्रांतों में रबी कालीन धान का आना शुरू हो जाएगा। बासमती धान की आपूर्ति निरंतर जारी रहेगी क्योंकि इसका न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित होता है और न ही भारतीय खाद्य निगम और उसकी सहयोगी एजेंसियां द्वारा किसानों से इसकी खरीद की जाती है। 
पंजाब / अमृतसर 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान पंजाब के अमृतसर में 1718 धान का भाव 130 रुपए की गिरावट के साथ 3150 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया लेकिन तरन तारन में थोड़ी बहुत लिवाली होने से 1509, 1718 एवं 1847 किस्मों के धान का भाव 50-65 रुपए तक मजबूत हुआ। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की विभिन्न मंडियों- एटा, मैनपुरी, जहांगीराबाद, शाहजहांपुर, अलीगढ एवं खैर में धान की सीमित आवक के बावजूद मांग कमजोर होने से कीमतों में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी रही। राजस्थान के कोटा एवं बूंदी में धान की अच्छी आवक हो रही है। कीमतों में भी थोड़ी मजबूती देखी गई। 
चावल 
जहां तक चावल का सवाल है तो भाटापाड़ा में इसका भाव मजबूत बना रहा क्योंकि निर्यातक इसकी खरीद में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। छत्तीसगढ़ से बांग्ला देश सहित कई अन्य देशों को सामान्य श्रेणी के चावल का भारी निर्यात किया जाता है। उत्तराखंड की नगर मंडी में मिश्रित रुख देखा गया। चावल की कुल किस्मों के दाम में 100 से 200 रुपए प्रति क्विंटल तक का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।