साप्ताहिक समीक्षा-धान-चावल
12-Apr-2025 07:47 PM
मिलर्स की खरीद से धान का भाव तेज लेकिन चावल में नरमी
नई दिल्ली। आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से प्रमुख थोक मंडियों में धान की सीमित आवक हो रही है और मिलर्स- प्रोसेसर्स भी थोड़ी-बहुत लिवाली होने से 5-11 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान कुछ मंडियों में इसके दाम में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। दूसरी ओर चावल का भाव नरम रहा क्योंकि निर्यातकों ने इसकी खरीद में विदेश दिलचस्पी नहीं दिखाई। वैसे चावल का निर्यात अब धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगा है।
दिल्ली
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में 1509 हैण्ड धान के दाम में 50 रुपए तथा 1718 के मूल्य में 75 रुपए का इजाफा हुआ जबकि शरबती का भाव 25 रुपए नरम रहा। इसी तरह छत्तीसगढ़ की राजिम मंडी में कमजोर मांग के कारण धान की कीमतों में 10 से 50 रुपए प्रति क्विंटल तक की नरमी रही। लेकिन उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 1509 का भाव 50 रुपए सुधर गया। नरेला, तरन तारन तथा उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में धान की अच्छी आवक हो रही है। इसी तरह राजस्थान के कोटा एवं बूंदी मार्केट में अच्छी मात्रा में धान पहुंच रहा है। इसके बावजूद वहां कीमत स्थिर या कुछ मजबूत है।
आपूर्ति
खरीफ कालीन गैर बासमती धान की नगण्य आवक हो रही है जबकि बासमती धान की आपूर्ति की स्थिति उससे बेहतर है। किसान विभिन्न मंडियों में अपने बचे हुए स्टॉक को उतारने का प्रयास कर रहे हैं। जून से धान की रोपाई शुरू होने वाली है। इस बीच रबी कालीन धान की नई फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आपूर्ति का सीजन 1 अप्रैल से औपचारिक तौर पर आरंभ हो गया है।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो वैश्विक निर्यात बाजार में पिछले महीने इसका भाव घटकर काफी नीचे आ गया था और वियतनाम, थाईलैंड तथा पाकिस्तान जैसे प्रमुख आपूर्तिकर्ता देशों ने अपने चावल के निर्यात ऑफर मूल्य में भारी कटौती कर दी थी। लेकिन अब कीमतों में धीरे-धीरे सुधार आने के संकेत मिल रहे हैं। इससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कर्नाटक
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान कर्नाटक की रायचूर मंडी में अधिकांश किस्मों के चावल का भाव 100-200 रुपए प्रति क्विंटल नरम रहा लेकिन अमृतसर में मिश्रित रुख देखा गया। वहां 1509 सेला चावल का दाम 100 रुपए तथा 1718 सेला का भाव 250 रुपए तेज हुआ लेकिन 1718 स्टीम चावल के दाम में 250 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। बूंदी में सुगंधा एवं 1509 चावल की कीमत 150 रुपए तेज हुई जबकि हरियाणा के करनाल में 200 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी देखी गई।
निर्यात
केन्द्र सरकार सभी किस्मों एवं श्रेणियों के चावल के निर्यात को पहले ही पूरी तरह नियंत्रण मुक्त कर चुकी है इसलिए इसके शिपमेंट में अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। भारत में चावल का निर्यात योग्य उपलब्ध है और एशिया तथा अफ्रीका के देशों में इसकी मांग भी मजबूत होने लगी है।
