साप्ताहिक समीक्षा-धनिया
29-Mar-2025 07:44 PM
धनिया कीमतों में अभी तेजी नहीं
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान हाजिर एवं वायदा में धनिया के भाव दबे रहे। अभी हाल फिलहाल अधिक तेजी की संभावना भी नहीं है। क्योंकि वर्तमान में मार्च क्लोजिंग होने के कारण अधिकांश मंडियों में अवकाश चल रहा है। 2 अप्रैल को मंडियां खुलने के पश्चात मंडियों में आवक का दबाव बनेगा। जिस कारण से कीमतों में 3/5 रुपए का मंदा आ सकता है इससे अधिक मंदा संभव नहीं है। क्योंकि आगामी में प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात की मंडियों में आवक घटनी शुरू हो जाएगी। जबकि राज्थान एवं मध्य प्रदेश की मंडियों में अप्रैल माह के दौरान अवाक् अच्छी रहेगी। अप्रैल माह के पश्चात धनिया कीमतें धीरे-धीरे बढ़नी शुरू हो जाएगी।
उत्पादन
चालू सीजन के दौरान हालांकि धनिया के बिजाई क्षेत्रफल में कमी आई है लेकिन बिजाई के पश्चात मौसम फसल के अनुकूल बना रहने से प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में वृद्धि दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू सीजन के लिए प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में धनिया की बिजाई का क्षेत्रफल 3.37 लाख हेक्टेयर का रहा जबकि गत वर्ष बिजाई 3.64 लाख हेक्टेयर पर की गई थी। गत दिनों गोवा में हुए मसाला सेमिनार में जारी किए गए अनुमानों के अनुसार मध्य प्रदेश में धनिया की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता गत वर्ष के 1279 किलो से बढ़कर 1310 किलो मानी गई है। जबकि गुजरात में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 1311 किलो होने के समाचार है गत वर्ष गुजरात में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 1273 किलो थी। राजस्थान में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में 2.2 प्रतिशत की वृद्धि होने के समाचार है और चालू सीजन के दौरान राजस्थान में धनिया की प्रति हेक्टेयर पैदावार 1308 किलो की मानी जा रही है। प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ने के कारण इस वर्ष धनिया उत्पादन के अनुमान 1.10 करोड़ बोरी के लगाए गए है जबकि गत वर्ष 1.16 करोड़ बोरी (प्रत्येक बोरी 40 किलो) का उत्पादन माना गया था। वर्ष 2023 में पैदावार 1.50/1.60 करोड़ बोरी की रही थी।
स्टॉक कम
पैदावार कम रहने के साथ-साथ इस वर्ष धनिया का बकाया स्टॉक भी गत वर्ष की तुलना में कम माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में उत्पादन केन्द्रों की मंडियों पर धनिया का स्टॉक 35/40 लाख बोरी माना जा रहा है। जबकि गत वर्ष स्टॉक 65/70 लाख बोरी का था। सूत्रों का कहना है कि लोकल मांग एवं निर्यात को मिलाकर प्रत्येक वर्ष लगभग धनिया की खपत 1.50/1.60 करोड़ बोरी के आसपास रहती है। जबकि वर्ष 2025 के दौरान कुल पैदावार एवं बकाया स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता 1.40/1.50 करोड़ बोरी की रहेगी। जिस कारण से आगामी दिनों में धनिया के भाव मजबूत रहने की संभावना है।
मंदा तेजी
जैसा कि आई ग्रेन इंडिया ने अपने 1 मार्च के अंक में लिखा भी था कि मार्च माह में आवक का दबाव बनने पर धनिया कीमतों में 5/7 रुपए प्रति किलो की गिरावट आ सकती है और चालू माह के दौरान धनिया कीमतों में 3/5 रुपए का मंदा दर्ज किया जा चुका है। वर्तमान में मंडियों में धनिया ईगल के भाव 68/72 रुपए एवं बादामी के भाव 62/67 रुपए प्रति किलो पर चल रहे हैं। बाजार सूत्रों का कहना है कि आवक का दबाव घटने के साथ ही कीमतों में तेजी आनी शुरू हो जाएगी। और मई जून माह के दौरान कीमतों में 5/10 रुपए प्रति किलो की तेजी आने की संभावना है।
आयात
हालांकि देश में धनिया की पैदावार पर्याप्त होती है लेकिन आयातित माल के मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 के दौरान धनिया का आयात 28828 टन का किया गया था जबकि वर्ष 2022-23 के दौरान आयात 31383 टन का हुआ था।
निर्यात आधा
चालू सीजन के दौरान धनिया निर्यात में 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल- दिसम्बर- 2024 के दौरान धनिया का निर्यात 43609 टन का हुआ है और निरयत प्राप्त आय 45870 लाख रुपए की रही। जबकि अप्रैल-दिसम्बर 2023 में धनिया का निर्यात 87531 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 75089 लाख रुपए की रही थी। निर्यात में गिरावट के साथ-साथ आय में भी 39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
