साप्ताहिक समीक्षा- धनिया

26-Jul-2025 08:23 PM

धनिया कीमतों में मजबूती : मंदे की संभावना नहीं 

नई दिल्ली। हाल ही में धनिया के दामों में 400/500 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई है। वर्तमान हालात को देखते हुए अभी भी बाजार में धारणा तेजी की बनी हुई है। सूत्रों का मानना है कि अगस्त माह के दौरान भी धनिया के दाम में तेजी रहने की संभावना है क्योंकि उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर आवक काफी कम हो रही है। जबकि लोकल एवं निर्यात मांग में वृद्धि दर्ज की जा रही है। उल्लेखनीय है कि आई ग्रेन इंडिया ने अपने 5 जुलाई के अंक में लिखा भी था कि जुलाई-अगस्त माह के दौरान धनिया की कीमतों में धीरे-धीरे 800/1000 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी आनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान देश में धनिया की पैदावार लगभग 1 करोड़ बोरी के आसपास रही। जबकि गत वर्ष पैदावार 1.10 करोड़ बोरी की मानी गई थी। 
आवक कम 
जानकारों का कहना है कि कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण अब उत्पादकों के पास धनिया का स्टॉक कम बचा है जिस कारण से मंडियों में आवक भी कम रह गई है। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में उत्पादकों के पास धनिया का स्टॉक 20/25 प्रतिशत ही रह गया। जिस कारण अब आवक सीमित ही रहेगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार गुजरात की प्रमुख मंडी गोंडल में आवक 4/5 हजार बोरी की रह गई है। जबकि मध्य प्रदेश की गुणा मंडी में आवक 3/4 हजार बोरी की हो रही है। राजस्थान की रामगंज मंडी में आवक 2500/3000 बोरी की चल रही है। चालू सीजन के दौरान गुजरात में धनिया की पैदावार 40/42 लाख बोरी एवं मध्य प्रदेश 45/48 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए गए थे। राजस्थान में उत्पादन 14/15 लाख बोरी माना गया था। 
मंदा-तेजी
चालू सप्ताह के दौरान हाजिर एवं वायदा बाजार में धनिया के दाम तेजी के साथ बोले गए। वायदा बाजार में अगस्त माह का धनिया 7698 रुपए खुलने के पश्चात सप्ताह के अंत में 7738 रुपए पर बंद हुआ है। जबकि सितम्बर माह का धनिया 7724 रुपए खुलने के पश्चात सप्ताह के अंत में 7796 रुपए पर बंद हुआ है। कमजोर सप्लाई एवं बढ़ती मांग के कारण हाजिर बाजारों में धनिया के भाव 100/150 रुपए प्रति क्विंटल तेजी के साथ बोले गए। वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया बादामी का भाव 6800/7000 रुपए एवं ईगल का भाव 7000/7300 रुपए प्रति क्विंटल पर बोला जाने लगा है। अभी हाल-फिलहाल कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में भी बाजार धीरे-धीरे बढ़ते रहेंगे।  
उपलब्धता कम 
चालू सीजन के दौरान खपत की तुलना में धनिया की उपलब्धता कम रहने के समाचार है। एक अनुमान के अनुसार चालू सीजन के दौरान लगभग 1 करोड़ बोरी धनिया उत्पादन के अलावा बकाया स्टॉक 35/40 लाख बोरी माना जा रहा है जबकि निर्यात एवं लोकल खपत को मिलाकर धनिया की आवश्यकता 1.50/1.60 करोड़ बोरी के आसपास रहती है। सूत्रों का मानना है कि दूसरे वर्षा भी देश में पैदावार घटने के कारण आगामी सीजन पर धनिया का सटोक नाममात्र का रह जाएगा। 
निर्यात 
चालू वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान धनिया निर्यात में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-मार्च (2024-25) के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60324 टन का किया गया। जबकि अप्रैल-मार्च (2023-24) में निर्यात 108624 टन का रहा था। चालू सीजन के दौरान धनिया निर्यात से प्रपात आय 63320 लाख रुपए की रही जबकि गत सीजन में प्राप्त आय 94827 लाख रुपए की रही थी। मात्रात्मक रूप में चालू सीजन के दौरान धनिया निर्यात 44 प्रतिशत काम रहा जबकि आय के रूप में 33 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 
चालू सीजन 2025-26 के प्रथम दो माह में धनिया के निर्यात में 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-मई 2025 के दौरान धनिया का निर्यात 13857.97 टन का रहा। जबकि अप्रैल-मई- 2024 में निर्यात 11475.76 टन का रहा था।