सरकारी एजेंसियों के पास 26.90 लाख टन दलहनों का स्टॉक
05-May-2026 08:23 PM
नई दिल्ली। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति को सुगम बनाए रखने तथा कीमतों में संभावित तेजी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार दलहनों का बफर स्टॉक अपने पास रखती है। बफर स्टॉक के लिए 28 लाख टन दलहनों की उपलब्धता (भंडार) का लक्ष्य नियत है जबकि वर्तमान समय में इस भंडार में करीब 26.90 लाख टन माल मौजूद है। दोनों प्रमुख रबी कालीन दलहनों- चना एवं मसूर की सरकारी खरीद अभी जारी है। दो केन्द्रीय एजेंसियों- भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी-विपणन महासंघ (नैफेड) तथा राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) को दलहनों की खरीद का दायित्व सौंपा जाता है।
सरकारी एजेंसियों के पास मौजूद दलहनों के कुल बफर स्टॉक में 11 लाख टन चना, 7.50 लाख टन तुवर, 4 लाख टन मूंग, 3.60 लाख टन मसूर एवं 33,402 टन उड़द की मात्रा शामिल है। राजस्थान एवं मध्य प्रदेश में चना की सरकारी खरीद अभी जारी है क्योंकि अधिकांश मंडियों में इसका भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे आ गया है। दलहनों का यह स्टॉक घरेलू प्रभाग में खरीद तथा विदेशों से आयात के जरिए बनाया गया है।
बफर स्टॉक से दलहनों की निकासी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने राज्यों से पिछले महीने आग्रह किया था कि वे अपनी कल्याणकारी योजनाओं में आपूर्ति के लिए खुले बाजार से तुवर, चना, मूंग एवं मसूर की खरीद करने के बजाए केन्द्रीय बफर स्टॉक से इसे हासिल करें। इससे राज्यों को उचित मूल्य पर अच्छा माल मिल सकेगा। राज्यों की खुले बाजार से दलहन खरीदने के लिए जटिल टेंडर (निविदा) प्रक्रिया अपनानी पड़ती है जबकि बफर स्टॉक से वे सीधे दलहन की खरीद कर सकते हैं।
दलहनों का थोक मंडी भाव अभी न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चल रहा है जबकि सरकारी खरीद समर्थन मूल्य पर हुई है। यदि सरकार खुले बाजार में प्रचलित मूल्य पर राज्यों को दलहनों की आपूर्ति का ऑफर देती है तो उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा और यदि समर्थन मूल्य अथवा उससे ऊंचे दाम पर आपूर्ति की पेशकश करती है तो इसकी खरीद में राज्यों की ज्यादा-दिलचस्पी नहीं होगी क्योंकि बाजार में सस्ता दलहन मिल सकता है।
