सरकारी गेहूं की जोरदार खरीद

28-Dec-2024 11:39 AM

खुला बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा होने तथा प्रमुख उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में माल की आवक की गति धीमी पड़ने एवं मात्रा भी सीमित रहने के कारण फ्लोर मिलर्स तथा प्रोसेसर्स की जबरदस्त दिलचस्पी सरकारी गेहूं की खरीद में देखी जा रही है।

स्पष्ट प्रमाण यह है कि भारतीय खाद्य निगम द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के अंतर्गत साप्ताहिक ई-नीलामी में गेहूं की जितनी मात्रा की बिक्री का ऑफर दिया जाता है उसके लगभग सम्पूर्ण भाग की खरीद कर ली जाती है।

अभी 26 दिसम्बर को हुई नवीनतम नीलामी में कुल एक लाख टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया गया जिसमें से 99,465 टन का स्टॉक मिलर्स प्रोसेसर्स द्वारा खरीदा गया।

इससे पूर्व की नीलामियों में भी एक-एक लाख टन के ऑफर के सापेक्ष 98-99 हजार टन गेहूं की खरीदारी हो गई। देश के कुल 23 राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों में खाद्य निगम द्वारा अपने स्टॉक के गेहूं की बिक्री के लिए साप्ताहिक ई-नीलामी आयोजित की जा रही है और यह योजना पूरी तरह सफल भी साबित हो रही है।

अब तक चार नीलामी का आयोजन हुआ है और चारों में गेहूं की भारी खरीद हो गई। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि फ्लोर मिलर्स / प्रोसेसर्स के पास गेहूं का स्टॉक नहीं या नगण्य है और खुले बाजार का गेहूं महंगा है इसलिए सस्ते सरकारी अनाज पर उसकी निर्भरता काफी बढ़ गई है। 

सरकार ने खाद्य निगम को मार्च 2025 तक साप्ताहिक ई-नीलामी जारी रखने का निर्देश देते हुए कुल 25 लाख टन गेहूं की बिक्री का कोटा आवंटित किया है।

खाद्य निगम द्वारा प्रत्येक सप्ताह विभिन्न राज्यों के लिए गेहूं की बिक्री मात्रा का निर्धारण किया जाता है। दिलचस्प तथ्य यह है कि 26 दिसम्बर की नीलामी में 14 राज्यों में गेहूं की शत-प्रतिशत खरीद हो गई।

इससे पूर्व पहली नीलामी में 19 राज्यों में गेहूं की सम्पूर्ण आवंटित मात्रा की खरीद हो गई थी। दो राज्यों में 99 प्रतिशत से ज्यादा गेहूं खरीदा गया।

केवल पूर्वोत्तर राज्यों में 92 प्रतिशत की खरीद हुई। सनद रहे कि ओएमएसएस के तहत सरकारी गेहूं का न्यूनतम आरक्षित मूल्य सामान्य औसत क्वालिटी के लिए 2325 रुपए प्रति क्विंटल तथा यू आर एस श्रेणी के लिए 2300 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है।

इसके अलावा परिवहन खर्च एवं मंडी टैक्स के आधार पर राज्यों के विभिन्न डिपो पर अलग -अलग दर से आरक्षित मूल्य का निर्धारण किया जाता है।