सरकार द्वारा 10 लाख टन तुवर का बफर स्टॉक बनाने का लक्ष्य
21-Mar-2025 03:38 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के लिए 10 लाख टन अरहर (तुवर) का बफर स्टॉक बनाने का लक्ष्य रखा है ताकि आपूर्ति के ऑफ सीजन में घरेलू बाजार में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति को सुगम बनाने तथा कीमतों में संभावित तेजी को नियंत्रित करने में उसका उपयोग किया जा सके।
हालांकि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के मौजूदा सीजन में 35.10 लाख टन तुवर के घरेलू उत्पादन का अनुमान लगाया है मगर उद्योग- व्यापार क्षेत्र का मानना है कि वास्तविक उत्पादन 38.40 लाख टन तक हो सकता है। पिछले साल विदेशों से तुवर का आयात भी बढ़कर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इसके फसलवरूप घरेलू प्रभाग में इस महत्वपूर्ण दलहन की आपूर्ति एवं उपलब्धता काफी बढ़ गई और कीमत घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के आसपास या उससे नीचे आ गई। इससे तुवर उत्पादकों को भारी घाटा होने लगा है।
केन्द्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर तुवर, उड़द एवं मसूर की 100 प्रतिशत खरीद की जाएगी।
इसका मतलब यह है कि सरकारी क्रय केन्द्रों पर तुवर की जो भी मात्रा पहुंचेगी उसकी खरीद अवश्य की जाएगी। पिछले दो साल से इसका थोक मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा था इसलिए सरकारी एजेंसियों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत इसकी खरीद करने में ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी।
2024-25 सीजन के लिए तुवर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7550 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है जबकि मंडी भाव घटकर इससे नीचे आ गया है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों से एमएसपी पर लगभग 2 लाख टन तुवर की खरीद पहले ही की जा चुकी है।
सरकार को भरोसा है कि चालू माह (मार्च) के अंत तक इसकी कुल खरीद बढ़कर 5 लाख टन के आसपास पहुंच जाएगी।
प्रमुख उत्पादक राज्यों और खासकर महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में तुवर की सरकारी खरीद जोर शोर से हो रही है। सरकार ने तुवर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है जिससे म्यांमार एवं अफ्रीकी देशों से इसकी आपूर्ति का प्रवाह निरन्तर जारी रहेगा।
