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22-Oct-2026 07:40 PM
नई दिल्ली। थोक मंडी भाव नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी अच्छी बढ़ोत्तरी होने से इस वर्ष रबी सीजन के दौरान सरसों की खेती के प्रति किसानों का उत्साह एवं आकर्षण तेजी से बढ़ने की संभावना है जिससे इसका क्षेत्रफल और उत्पादन बढ़ सकता है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि गत सप्ताह तक सरसों का रकबा 2.26 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा था जो पिछले साल के बिजाई क्षेत्र 3.10 लाख हेक्टेयर से काफी कम रहा। लेकिन अभी तो बिजाई की शुरुआत है।
आगामी सप्ताहों के दौरान इसकी बिजाई की रफ्तार तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। खरीफ फसलों की कटाई के साथ रबी फसलों की बिजाई बढ़ने लगती है। सरसों का थोक मंडी भाव 8000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊंचा चल रहा और निकट भविष्य में इसमें ज्यादा गिरावट आना मुश्किल लगता है। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 413 रुपए बढ़कर 6613 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है।