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29-Oct-2026 12:05 PM
इंदौर। पिछले सीजन की तुलना में चालू मार्केटिंग सीजन के आरंभ में सोयाबीन तथा सोयामील का ज्यादा बकाया स्टॉक मौजूद होने का अनुमान लगाया गया है। एक अग्रणी उद्योग संगठन- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) की एक रिपोर्ट के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 को 8.31 लाख टन सोयाबीन का स्टॉक मौजूद था जो वर्ष 2025 की इसी अवधि को मौजूद स्टॉक से 8 प्रतिशत अधिक रहा। इसी तरह समीक्षाधीन अवधि में सोयामील का बकाया अधिशेष स्टॉक 68 हजार टन की तुलना में दोगुने से ज्यादा बढ़कर 1.93 लाख टन पर पहुंच गया।
सोपा की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान देश से कुल 20.23 लाख टन सोया डीओसी का निर्यात हुआ था जो 2025-26 के सीजन में करीब 50 प्रतिशत घटकर 10 लाख टन पर अटक गया। सोयाबीन के अत्यन्त ऊंचे भाव के कारण सोयामील के लागत खर्च में भारी बढ़ोत्तरी हो गई जिससे वैश्विक बाजार में इसका निर्यात ऑफर मूल्य काफी हद तक गैर प्रतिस्पर्धी हो गया।
दूसरी ओर घरेलू प्रभाग में पशु आहार / पॉल्ट्री फीड निर्माण उद्योग में सोयामील की कुल खपत 2024-25 के 62 लाख टन से बढ़कर 2025-26 के सीजन में 63 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
सोपा की रिपोर्ट के मुताबिक सोयाबीन का घरेलू उत्पादन 2024-25 सीजन के 128.82 लाख टन से घटकर 2025-26 के सीजन में 110.26 लाख टन पर अटक गया जबकि 2026-27 सीजन के दौरान और भी गिरकर 107 लाख टन के करीब रह जाने की संभावना है। सोयाबीन का आयात 2024-25 सीजन में केवल 2 हजार टन हुआ था 2025-26 के सीजन में उछलकर 11 लाख टन के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।