Home News

उत्पादन घटने की आशंका से चीनी का भाव मजबूत रहने के आसार

29-Oct-2026 12:42 PM

उत्पादन घटने की आशंका से चीनी का भाव मजबूत रहने के आसार

नई दिल्ली। उद्योग-व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों का कहना है कि 2026-27 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी के घरेलू उत्पादन में गिरावट आ सकती है जबकि पिछला बकाया स्टॉक भी बहुत कम बचा हुआ है। इससे चीनी की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल रहने तथा कीमत मजबूत रहने की संभावना है। 

एक अग्रणी समीक्षक के मुताबिक लगातार तीसरे सीजन में चीनी का उत्पादन घरेलू मांग एवं जरूरत से कम होने की आशंका है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में भयंकर सूखा पड़ने से गन्ना की फसल प्रभावित हुई है जिससे वहां चीनी के उत्पादन में कमी आने की प्रबल संभावना है। इतना ही नहीं बल्कि 2027-28 के सीजन में भी गन्ना एवं चीनी का उत्पादन उत्साहवर्धक होने में संदेह है। इसका घरेलू बाजार पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है। 

विश्लेषक के अनुसार 2025-26 की तुलना में 2026-27 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान चीनी का घरेलू उत्पादन 15 प्रतिशत घटकर 270 लाख टन पर सिमट सकता है जो मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव से मानसूनी वर्षा कम होने एवं महाराष्ट्र के साथ-साथ उत्तरी कर्नाटक में भी सूखे का भयंकर प्रकोप होने से चीनी के उत्पादन पर गहरा प्रतिकूल असर पड़ सकता है उत्तर प्रदेश में वर्षा की हालत अपेक्षाकृत बेहतर रही क्योंकि वहां नहरों एवं ट्यूबवेल्स से सिंचाई की अच्छी सुविधा उपलब्ध है। 

अधिकांश स्वदेशी समीक्षक 2026-27 के सीजन में चीनी का घरेलू उत्पादन 270 से 290 लाख टन के बीच होने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं जबकि विदेशी प्रेक्षक (संगठन) 284 से 295 लाख टन के बीच उत्पादन का अनुमान लगा रहे हैं। सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र में इस बार स्थिति बहुत खराब बनी हुई है।