सोयाबीन तथा मूंगफली की सरकारी खरीद में भारी बढ़ोत्तरी

14-Feb-2025 01:29 PM

नई दिल्ली । केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) द्वारा मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत प्रमुख उत्पादक राज्यों में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 2024-25 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन में सोयाबीन तथा मूंगफली की रिकॉर्ड खरीद की गई है। कुछ क्षेत्रों में खरीद की समयसीमा बढ़ा दी गई है।  

सोयाबीन के प्रमुख उत्पादक राज्यों में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात एवं छत्तीसगढ़ आदि शामिल है।

केन्द्र सरकार ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2023-24 सीजन के 4600 रुपए प्रति क्विंटल  से बढ़ाकर 2024-25 सीजन के लिए 4892 रुपए प्रति क्विंटल नियत  कर रखा है और किसानों से इसी मूल्य स्तर पर इसकी सहकारी खरीद की जा रही है। 

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सोयाबीन की खरीद इस बार महाराष्ट्र में करीब 8.37 लाख टन तथा मध्य प्रदेश में 3.89 लाख टन हो चुकी है।

इसके अलावा राजस्थान में 99 हजार टन, तेलंगाना में 83 हजार टन, गुजरात में 48 हजार टन तथा कर्नाटक  में 18 हजार टन सोयाबीन खरीद हुई।

शुरूआती चरण में जो समय सीमा नियत की गई थी उसके अंदर ही यह खरीद की गई। बाद में कुछ राज्यों में अवधि बढ़ी गई। इस तरह राष्ट्रीय स्तर पर इस बार करीब 14.74 लाख टन सोयाबीन की खरीद हुई। 

जहां तक मूंगफली का सवाल है तो इसका अधिकांश उत्पादन गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में होता है।

मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 सीजन के लिए 6783 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों से इस समर्थन मूल्य पर इस बार भुगतान में सबसे अधिक 9.07 लाख टन तथा राजस्थान में 2.96 लाख टन मूंगफली की खरीद की गई

जबकि उत्तर प्रदेश में 71 हजार टन से अधिक कर्नाटक में 1000 टन से कुछ ज्यादा मूंगफली की खरीद हुई। राष्ट्रीय स्तर पर मूंगफली की कुल खरीद 12.75 लाख टन की सीमा को पार कर गई। 

शानदार सरकारी खरीद के बावजूद मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन तथा उत्तर प्रदेश में मूंगफली का थोक मंडी भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे चल रहा है।