श्रीलंका में 10-12 दिसम्बर के बीच भारत से 1900 टन चावल का आयात
13-Dec-2024 05:37 PM
कोलम्बो । श्रीलका के कस्टम विभाग ने कहा है कि प्राइवेट व्यापारियों द्वारा 10 से 12 दिसम्बर 2024 के दौरान भारत से 1900 टन चावल मंगाया गया।
इस बीच आवश्यक खाद्य पदार्थ आयातक एवं व्यापरी संघ ने कहा है कि यदि चावल पर आयात शुल्क में 15 रुपए की कटौती कर दी जाए तो घरेलू प्रभाग में उच्चतम खुदरा मूल्य पर इसे बेचना संभव हो सकता है।
एसोसिएशन के मुताबिक आयातक भारत से आयातित नाडु चावल की बिक्री 220 रुपए (श्रीलंकाई मुद्रा) प्रति किलोग्राम की दर से कर सकते हैं। लेकिन इस आयातित चावल के थोक बाजार में पहुंचने के बाद इस पर परिवहन एवं वितरण के मद में 8 से 10 प्रतिशत तक का अतिरिक्त खर्च बैठेगा।
उल्लेखनीय है कि श्रीलंका के केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 3 दिसम्बर को अपनी एक मीटिंग में आयात नियंत्रण परमिट के बगैर व्यापारियों को 20 दिसम्बर तक विदेशों से चावल का आयात करने की स्वीकृति प्रदान की थी। श्रीलंका में अनेक किस्मों एवं श्रेणियों के चावल का भारी अभाव देखा जा रहा है और इसकी कीमतें भी ऊंची हो गई हैं।
हाल ही में श्रीलंका के उपभोक्ता मामले प्राधिकरण द्वारा एक गजट अधिसूचना जारी की गई थी जिसमें स्थानीय और आयातित- दोनों चावल के लिए उच्चतम थोक एवं खुदरा मूल्य का निर्धारण किया गया था
इसके तहत आयातित कच्चे (सफेद) चावल का उच्चतम खुदरा मूल्य 210 रुपए प्रति किलो तथा आयातित नाडु चावल का उच्चतम खुदरा मूल्य 220 रुपए प्रति किलो नियत किया गया है। साम्बा चावल का दाम 230 रुपए प्रति किलो निर्धारित हुआ है।
