तेलंगाना में खरीफ फसलों के बिजाई क्षेत्र के लक्ष्य में बढ़ोत्तरी
08-Apr-2025 11:02 AM
हैदराबाद। दक्षिण भारत के एक प्रमुख कृषि उत्पादक राज्य- तेलंगाना में आगामी खरीफ सीजन के लिए विभिन्न फसलों के उत्पादन क्षेत्र का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें धान, कपास, सोयाबीन एवं मक्का मुख्य रूप से शामिल हैं। जून से इन फसलों की खेती आरम्भ होने की संभावना है।
राज्य कृषि विभाग के अनुसार तेलंगाना में 2024-25 सीजन के दौरान कपास का बिजाई क्षेत्र कुछ घटकर 17.70 लाख हेक्टेयर रह गया था जबकि 2025-26 के खरीफ सीजन में क्षेत्रफल 20.23 लाख हेक्टेयर को पार कर जाने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र और गुजरात के बाद तेलंगाना देश में कपास का तीसरा सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है। कृषि विभाग के मुताबिक इस बार धान के उत्पादन क्षेत्र का लक्ष्य 27 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया है
जो पिछले साल के वास्तविक क्षेत्रफल 26.50 लाख हेक्टेयर से 50 हजार हेक्टेयर ज्यादा है। मालूम हो कि तेलंगाना देश के अग्रणी धान उत्पादक राज्यों की सूची में शामिल है जो केन्द्रीय पूल में चावल का भारी योगदान देता है।
इसके अलावा इस दक्षिणी राज्य में मक्का के बिजाई क्षेत्र का लक्ष्य करीब 2.50 लाख हेक्टेयर तथा सोयाबीन के क्षेत्रफल का लक्ष्य 3.60 लाख हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल राज्य में मक्का का रकबा 2.20 लाख हेक्टेयर तथा सोयाबीन का रकबा 1.61 लाख हेक्टेयर तक ही पहुंच सका था।
तेलंगाना में चालू वर्ष के दौरान 16.70 लाख क्विंटल धान के बीज, 4.80 लाख क्विंटल मक्का के बीज, 89 लाख पैकेट (450 ग्राम का प्रत्येक पैकेट) कपास के बीज तथा 1.35 लाख क्विंटल सोयाबीन के बीज की आवश्यकता पड़ने का अनुमान लगाया गया है और पर्याप्त मात्रा में इन बीजों की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास आरंभ कर दिया गया है।
