तेलंगाना में रबी फसलों का रकबा 12.28 लाख एकड़ बढ़ा
15-May-2025 01:07 PM
हैदराबाद। दक्षिण भारत के एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्य- तेलंगाना में पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष रबी कालीन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 67.70 लाख एकड़ से 12.28 लाख एकड़ बढ़कर 79.99 लाख एकड़ पर पहुंच गया जिसमें जायद फसलों का रकबा भी शामिल है।
राज्य कृषि विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस बार तेलंगाना में रबी कालीन धान का उत्पादन क्षेत्र 52.04 लाख एकड़ से उछलकर 59.86 लाख एकड़ ज्वार का बिजाई क्षेत्र 2.38 लाख एकड़ से बढ़कर 3.68 लाख एकड़ तथा मक्का का क्षेत्रफल 6.70 लाख एकड़ से उछलकर 9.14 लाख एकड़ पर पहुंचा मगर गेहूं का रकबा 9 हजार एकड़ से गिरकर 6 हजार एकड़ रह गया।
स तरह धान को छोड़कर अन्य अनाजी फसलों का उत्पादन क्षेत्र 9.21 लाख एकड़ से बढ़कर 12.98 लाख एकड़ पर पहुंच गया।
दलहन फसलों का सकल उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष के 3.04 लाख एकड़ से सुधरकर इस बार 3.11 लाख एकड़ पर पहुंचा। इसके तहत तुवर का रकबा 4 हजार एकड़ से बढ़कर 10 हजार एकड़ तथा उड़द का क्षेत्रफल 35 हजार एकड़ से उछलकर 56 हजार एकड़ पर पहुंच गया जबकि चना का बिजाई क्षेत्र 2.39 लाख एकड़ से घटकर 2.23 लाख एकड़,
मूंग का रकबा 17 हजार एकड़ से गिरकर 13 हजार एकड़ तथा कुलथी का क्षेत्रफल 8 हजार एकड़ से फिसलकर 7 हजार एकड़ पर सिमट गया।
इसी तरह तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 2.72 लाख एकड़ से बढ़कर इस बार 3.16 लाख एकड़ पर पहुंचा। इसके तहत मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 2.03 लाख एकड़ से उछलकर 2.51 लाख एकड़ पर पहुंच गया
जबकि तिल का बिजाई क्षेत्र 34 हजार एकड़ से गिरकर 32 हजार एकड़, सूरजमुखी का क्षेत्रफल 22 हजार एकड़ से फिसलकर 21 हजार एकड़ तथा सैफ्लावर (कुसुम) का रकबा 9 हजार एकड़ से गिरकर 7 हजार एकड़ पर अटक गया।
दूसरी ओर वहां गन्ना का उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के 6138 एकड़ से उछलकर इस बार 17,353 एकड़ पर पहुंच गया।
तेलंगाना को रबी कालीन धान-चावल का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य माना जाता है जबकि रबी सीजन के दौरान वहां मक्का, ज्वार, चना, उड़द तथा मूंगफली का भी अच्छा उत्पादन होता है।
धान की नई फसल की कटाई-तैयारी पहले ही आरंभ हो चुकी है। चना की कटाई भी लगभग पूरी हो चुकी है जबकि अन्य फसलों का नया माल अभी मंडियों में आ रहा है।
