टैरिफ वॉर के चलते चीन में घटा सोयाबीन आयात: कस्टम विभाग

15-Apr-2025 10:36 AM

आयात आयात गिरकर 2008 के बाद के सबसे निम्न स्तर 35 लाख टन आया, पिछले साल के मुकाबले 37% कम।

टैरिफ से परेशान प्रोसेसर्स ने अमेरिकी सोयाबीन से दूरी बना ली और ब्राज़ील की से सौदे करने शुरू किये।

दुनिया के सबसे बड़े सोयाबीन आयातक चीन ने जनवरी से मार्च के बीच कुल 171.1 लाख टन सोयाबीन आयात किया, जो पिछले साल के 185.8 लाख टन की तुलना में 7.9% कम है।

चीन ने टैरिफ एक्शन के जवाब में सभी अमेरिकी आयातों पर टैरिफ 125% तक बढ़ा दिए। यह पहले से लगे 10% से 15% शुल्क के ऊपर था, अब अमेरिकी सोयाबीन पर कुल टैरिफ 135% हो गया।

चीनी सोयाबीन क्रशर्स ने पिछले हफ्ते की पहली छमाही में ब्राज़ील से करीब 40 कार्गो बुक किए, जिनकी डिलीवरी मई से जुलाई के बीच होनी है।

ब्राज़ील से चीन को अप्रैल-जून तक 313 लाख टन सोयाबीन आयात होने की उम्मीद।

शुक्रवार तक ब्राज़ील के किसानों ने 2024/2025 की सोयाबीन फसल का 89.09% फसल काटी, जो पिछले सीज़न की समान अवधि के 85.13% से अधिक है।

आई- ग्रेन इंडिया का मानना है कि ब्राज़ील से सोयाबीन का निर्यात में अच्छी वृद्धि दिख सकती है जिससे सोयामील की उपलब्धता पर असर पड़ेगा।

अर्जेंटीना से सोयामील और सोयातेल का निर्यात भी बढ़ने की उम्मीद।

अमेरिका इस चक्र को देख चीन के अलावा अन्य सोयाबीन आयातक देशों पर खरीद के लिए दवाब बना सकता है।

कुल मिलाकर टैरिफ के चलते पुरे तेल-तिलहन बाज़ारों में असमंजस की स्तिथि बनी जिससे सुधरने में 2 महीने का समय लग सकता है।