तुवर के सरकारी खरीद में बढ़ोतरी की उम्मीद
17-Feb-2025 10:22 AM
तुवर के सरकारी खरीद में बढ़ोतरी की उम्मीद
★ पिछले 2 वर्षों से तुवर की कीमतें कम उत्पादन होने के कारण ऊँची रही थी परन्तु इस वर्ष उत्पादन 38-40 लाख टन पहुँचता देख कीमतें MSP से नीचे आई।
★ अब सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर तुवर की खरीद बढ़ाने की योजना बना रही है ताकि बफर स्टॉक बढ़ाया जा सके।
★ मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत एजेंसियों ने 12,335 टन तुवर की खरीद की जा चुकी है।
★ 2024-25 सीजन के लिए 13.2 लाख टन खरीद को मंजूरी दी गई।
★ सरकारी एजेंसियां – किसानों की सहकारी संस्था नैफेड (NAFED) और NCCF– आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में तुवर की खरीद कर रही हैं।
★ इनका लक्ष्य बफर स्टॉक बढ़ाना है। मौजूदा स्टॉक का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए बनाया गया था।
★ 2022-23 और 2023-24 में MSP से ऊंचे दामों के कारण एजेंसियां द्वारा तुवर की खरीद नहीं हो पाई थी।
★ कृषि मंत्रालय के पहले अग्रिम अनुमान में 2024-25 के लिए तुवर का उत्पादन 35 लाख टन आंका गया था, जो 2023-24 के 34.1 लख टन से थोड़ा अधिक था। दूसरे अनुमान में उत्पादन मात्रा बढ़ाये जाने की उम्मीद।
★ इस साल करीब 10 लाख टन आयात होने की संभावना।
★ सरकार ने तुवर की मजबूत फसल की संभावनाओं के बावजूद, पिछले महीने आयात को अवधि 31 मार्च, 2026 तक बढ़ाया।
★ IPGA द्वारा पल्सेस कॉन्क्लेव 2025 में नेफेड के अधिकारी ने कहा कि किसानों में पहले सोयाबीन बिक्री को प्राथमिकता दी अब किसान तुवर की बिक्री बढ़ा सकता हैं।
★ बढ़ते उत्पादन, आयात के कारण कीमतों में गिरावट का बना माहौल, सरकारी खरीद अगर बढ़ी तो कीमतों को मामूली समर्थन मिलने की उम्मीद।
