त्यौहारी सीजन की समाप्त के बाद खरीफ फसलों की जोरदार कटाई-तैयारी शुरू
14-Nov-2024 03:00 PM
नई दिल्ली । हिन्दू समुदाय के प्रमुख त्यौहारों का सीजन समाप्त होने के बाद किसान और श्रमिक अब खेतों की ओर लौटने लगे हैं जिससे खरीफ फसलों की कटाई-तैयारी की गति बढ़ने लगी है। आगामी सप्ताहों के दौरान इसकी रफ्तार और भी तेज होने की उम्मीद है।
इसके फलस्वरूप प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में विभिन्न कृषि उत्पादों की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ने के आसार हैं जबकि कीमतों पर कुछ दबाव भी पड़ सकता है। हालांकि अधिकांश फसलों की कटाई-तैयारी दीपावली पर्व से काफी पहले ही आरंभ हो गई थी मगर अक्टूबर तथा नवम्बर को मंडियों में खरीफ फसलों की पीक आपूर्ति का महीना माना जाता है। इन महीनों में रबी फसलों की बिजाई भी आरंभ होती है।
देश के उत्तरी एवं पश्चिमोत्तर राज्यों में खरीफ फसलों की अगैती खेती होती है और वहां कम समय में पककर तैयार होने वाली किस्मों की बिजाई भी बड़े पैमाने पर की जाती है जिससे उसकी कटाई-तैयारी अन्य राज्यों की तुलना में काफी पहले शुरू हो जाती है।
इन राज्यों में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं मध्य प्रदेश के साथ-साथ गुजरात भी शामिल हैं। इन प्रांतों में विभिन्न खरीफ फसलों की कटाई-तैयारी जोर पकड़ने लगी है जिसमें धान, सोयाबीन, मूंगफली, उड़द, मूंग, मक्का, ज्वार, बाजरा एवं कपास आदि सम्मिलित हैं।
मंडियों में बढ़ती आवक के साथ इसकी सरकारी एवं व्यापारिक खरीद भी बढ़ती जा रही है कुछ फसलों का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की भरपूर वर्षा आमतौर पर खरीफ फसलों के लिए सहायक रही मगर कुछ क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश एवं भयंकर बाढ़ के कारण उसे नुकसान भी हुआ है।
तुवर की आवक अगले महीने से शुरू होने वाली है जबकि विदेशों से इसका आयात भी जारी है। इस बार उत्पादन में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद की जा रही है जिससे स्टॉक बढ़ सकता है। सोयाबीन का थोक मंडी भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी नीचे चल रहा है।
