दक्षिण भारत में अगले सात-दिनों में भारी वर्षा होने का अनुमान
09-May-2026 01:50 PM
तिरुअनन्तपुरम। अमरीका के जलवायु पूर्वानुमान केन्द्र ने बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर में हलचल तेज होने का संकेत दिया है। आमतौर पर दक्षिण- पश्चिम मानसून के आगमन से पूर्व हिन्द महासागर के उत्तरी भाग में सक्रियता बढ़ जाती है। इस तरह भारत के तीनों समुद्री क्षेत्रों में ऐसे बदलाव हो रहे हैं जिससे आगामी समय में आंधी-तूफान के साथ जोरदार बारिश हो सकती है।
मई में अक्सर समुद्र में कम दाब का क्षेत्र और डिप्रेशन बनता है जो बाद में साइक्लोन बन जाता है। आमतौर पर प्रत्येक 30 से 60 दिनों के दौरान इस तरह की घटना उत्पन्न होती है और इससे मानसून की उत्पत्ति में भी सहायता मिलती है। अब इस तरह का परिदृश्य बनने लगा है।
बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर के ऊपर 13 से 19 मई के दौरान कम दाब या डिप्रेशन का क्षेत्र बन सकता है जिससे कई निकटवर्ती क्षेत्रों में चक्रवाती तूफान के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में बारिश का दौर शुरू हो गया है जबकि तमिलनाडु, पांडिचेरी एवं कराईकल तथा केरल एवं माही में अगले सात दिनों के दौरान जोरदार वर्षा हो सकती है।
इसके अलावा लक्ष्यद्वीप, आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, रॉयल सीमा, तेलंगाना तथा तटीय कर्नाटक में तेज हवा के साथ बारिश होने अथवा गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने का अनुमान है। इससे खेतों की मिटटी में नमी का अंश बढ़ेगा और किसानों को खरीफ फसलों की खेती करने में सहायता मिलेगी।
