दक्षिण भारत में बांधों-जलाशयों में पानी का बहुत कम स्टॉक
22-May-2026 12:22 PM
हैदराबाद। दक्षिण भारत के बांधों- जलाशयों में कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले पानी का स्टॉक महज एक चौथाई या 25 प्रतिशत रह गया है जो गत वर्ष के स्तर से भी नीचे है। वहां खरीफ फसलों के दो प्रमुख उत्पादक राज्य- कर्नाटक एवं तेलंगाना में तो जल स्तर लुढ़ककर 20 प्रतिशत से भी कम रह गया है। इससे किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है।
केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर 166 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर 60.830 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) रह गया है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 183.565 बीसीएम का 33 प्रतिशत है। इनमें से 105 जलाशयों में 40 प्रतिशत से कम तथा 21 बांधों में 50 प्रतिशत से कम पानी का स्टॉक बचा हुआ है।
मौसम विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि 1 मार्च से 20 मई 2026 के दौरान देश के 725 जिलों में से 29 प्रतिशत जिलों में बारिश नहीं या नगण्य हुई जबकि उससे पूर्व जनवरी-फरवरी 2026 में देश के कम से कम 70 प्रतिशत जिलों में वर्षा का भारी अभाव रहा था। दक्षिण भारत के 47 बांधों में 13.386 बीसीएम पानी का स्टॉक है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 55.288 बीसीएम का 24.21 प्रतिशत है। कर्नाटक एवं तेलंगाना में 19-19 प्रतिशत तथा केरल में 22 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ है।
