दक्षिण भारत में जल संकट बढ़ने की आशंका
24-Apr-2026 12:22 PM
हैदराबाद। दक्षिण भारत में पानी का संकट गहराने की आशंका है क्योंकि वहां बांधों-जलाशयों में इसका स्टॉक घटकर 30 प्रतिशत से भी नीचे आ गया है। हालांकि पिछले दिनों तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक जैसे राज्यों के कुछ भागों में बारिश हुई मगर जलाशयों में पानी का स्तर ऊंचा उठाने के लिए यह पर्याप्त साबित नहीं हुई।
दक्षिण भारत के 47 प्रमुख बांधों-जलाशयों में पानी की कुल भंडारण क्षमता 55.288 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) है जबकि पानी का वास्तविक स्टॉक इसके 30 प्रतिशत से भी कम है।
गत वर्ष यह 32 प्रतिशत दर्ज किया गया था। तेलंगाना के जलाशयों में सबसे कम-महज 21 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ है जबकि कर्नाटक में 26 प्रतिशत, केरल में 37.5 प्रतिशत, तमिलनाडु में 39 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश के जलाशयों में 40 प्रतिशत पानी का स्टॉक मौजूद है।
यदि शीघ्र ही इन राज्यों में मानसून- पूर्व की अच्छी वर्षा नहीं हुई तो बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर और भी घट सकता है। इससे जलापूर्ति व्यवस्था पर खतरा बढ़ जाएगा और फसलों की सिंचाई के लिए पानी का भारी अभाव उत्पन्न हो जाएगा। मानसून भी इस बार कमजोर रह सकता है।
