दक्षिण भारत में पानी का संकट बढ़ने की आशंका

20-Mar-2026 04:54 PM

तिरुअनन्तपुरम। दक्षिण भारत में लम्बे समय से अच्छी वर्षा नहीं होने के कारण बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर गत वर्ष से नीचे आ गया है

जिससे आगामी दिनों में वहां गंभीर जल संकट उत्पन्न होने की आशंका है। इससे पेय जल के साथ-साथ कृषि फसलों की सिंचाई के लिए पानी की कमी हो सकती है। 

दक्षिण भारत के 47 प्रमुख बांधों-जलाशयों में अभी केवल 22.830 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी का स्टॉक बचा हुआ है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 55.288 बीसीएम का 41 प्रतिशत है। वहां अच्छी वर्षा की जरूरत महसूस की जा रही है।

कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष तेलंगाना के बांधों जलाशयों में 35 प्रतिशत से कम, कर्नाटक में 40 प्रतिशत से कम, केरल एवं तमिलनाडु में 45 प्रतिशत से कम तथा आंध्र प्रदेश के जलाशयों में 50 प्रतिशत से कम पानी का स्टॉक बचा हुआ है।

केरल और तमिलनाडु का जल स्तर गत वर्ष से नीचे है। दक्षिण भारत में रबी कालीन एवं जायद सीजन के धान की फसल प्रभावित होने की आशंका है।