देश के 80 प्रतिशत से अधिक जलाशयों में पानी का भंडार 50 प्रतिशत से कम
16-May-2025 01:31 PM
नई दिल्ली। बारिश की कमी एवं बढ़ती गर्मी के कारण देश भर के बांधों- जलाशयों में पानी का स्तर नियमित रूप से घटता जा रहा है जिससे खरीफ फसलों की अग्रिम खेती में कठिनाई हो सकती है। देश के विभिन्न भागों में तापमान काफी ऊंचा हो गया है जिससे पानी के वाष्पीकरण की गति तेज हो गई है।
केन्द्रीय जल आयोग की नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार देश के 161 प्रमुख बांधों- जलाशयों में से 80 प्रतिशत से अधिक बांधों में जलस्तर घटकर 50 प्रतिशत से नीचे और इसमें भी 70 प्रतिशत जलाशय में पानी का स्तर लुढ़ककर 40 प्रतिशत से नीचे आ गया है। वैसे बांधों-जलाशयों में कुल मिलाकर पानी का भंडार अभी गत वर्ष की समान अवधि तथा दस वर्षीय औसत स्तर से ज्यादा है।
आयोग की साप्ताहिक बुलेटिन के अनुसार इन 161 बांधों जलाशयों में कुल 182.444 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) पानी के भंडारण की क्षमता है जबकि उसमें महज 30.41 प्रतिशत का 55.486 बीसीएम पानी का स्टॉक बचा हुआ है। पिछले साल 46.604 बीसीएम पानी का भंडार मौजूद था जबकि इसका 10 वर्षीय औसत भंडार 48.133 बीसीएम आंका गया है।
देश के उत्तरी, पूर्वी एवं दक्षिणी जोन के जलाशयों में पानी का कुल स्टॉक भंडारण क्षमता के मुकाबले घटकर 30 प्रतिशत से नीचे आ गया है जबकि मध्यवर्ती एवं पश्चिमी क्षेत्र में भी यह 35 प्रतिशत से नीचे है।
उत्तरी क्षेत्र के 11 जलाशयों में 19.826 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता के सापेक्ष बांधों- जलाशयों में केवल 5.710 बीसीएम या 28.79 प्रतिशत पानी का स्टॉक बचा हुआ है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि आमतौर पर सूखा ग्रस्त माने जाने वाले प्रान्त- राजस्थान के जलाशय में 50 प्रतिशत से अधिक पानी का स्टॉक बचा हुआ है। जबकि पंजाब में 38.82 प्रतिशत एवं हिमाचल प्रदेश में केवल 16.7 प्रतिशत पानी का भंडार बचा हुआ है।
पूर्वी जोन की हालत भी खराब है। वहां 27 जलाशयों में पानी का स्टॉक घटकर 5.732 बीसीएम रह गया है जो उसकी कुल भंडारण क्षमता 21.724 बीसीएम का 26.39 प्रतिशत है।
झारखंड, आसाम एवं मेघालय में 40 प्रतिशत से ज्यादा पानी बचा हुआ है जबकि बिहार एवं मिजोरम में पानी का भंडार 20 प्रतिशत से भी कम बचा हुआ है।
उधर पश्चिमी क्षेत्र के 50 जलाशयों में 37.357 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले 33 प्रतिशत या 12.344 बीसीएम पानी बचा हुआ है।
पानी का भंडार महाराष्ट्र में 28 प्रतिशत, गुजरात में 38 प्रतिशत एवं गोवा में 40.5 प्रतिशत दर्ज किया गया है। मध्यवर्ती जोन के 28 बांधों में 34.45 प्रतिशत पानी का भंडार है।
वहां कुल भंडारण क्षमता 48.588 बीसीएम के मुकाबले 16.737 बीसीएम पानी उपलब्ध है। मानसून के आने के बाद ही जल स्तर में सुधार संभव हो सकेगा।
