देश के विभिन्न भागों में मानसूनी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
22-Aug-2025 06:32 PM
नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि सोमवार यानी 25 अगस्त तक उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी उड़ीसा तथा पश्चिम बंगाल तट के ऊपर कम दाब का एक नया क्षेत्र बनने के आसार हैं जिससे देश के अनेक राज्यों में भारी वर्षा हो सकती है।
देश के उत्तरी भाग में मानसून की सक्रियता अभी जारी रहेगी। इधर उत्तरी-पश्चिमी क्षेत्र में पूर्वी राजस्थान के ऊपर जो सर्कुलेशन बना हुआ है वह डिप्रेशन में बदल सकता है। नए सिस्टम के निर्माण के बाद देश के मध्यवर्ती, पश्चिमी एवं पश्चिमोत्तर भाग में जोरदार बारिश की संभावना रहेगी।
पिछले दिन गुजरात के कई भागों में अत्यन्त मूसलाधार बारिश हुई जिससे न केवल जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया बल्कि खरीफ फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई। इसके अलावा आसाम, मेघालय, पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्र, सिक्किम,
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र, कच्छ, कोंकण, गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में भारी से अत्यन्त भारी वर्षा दर्ज की गई। अरुणाचल प्रदेश, उड़ीसा, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, पंजाब तथा तटीय कर्नाटक में भी भारी बारिश हुई।
21 अगस्त को कोर मानसून ट्रफ जैसलमेर, कोटा, दतिया, सीधी, रांची, बांकुरा एवं रिघा से होकर गुजर रहा था। उसके बाद यह दक्षिण-पूर्वी दिशा में आगे बढ़कर उत्तरी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर पहुंच गया।
दूसरी ओर तटवर्ती ट्रफ गुजरात एवं महाराष्ट्र में अटका हुआ था जिससे केवल तटीय कर्नाटक एवं केरल को छोड़कर पश्चिमी तट के ऊपर मानसून की सक्रिय स्थिति बनी हुई है।
मुम्बई के नजदीक से मानसून का एक शिपर जोन उत्तरी गुजरात, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है जिससे वहां मानसून की जोरदार सक्रियता के कारण भारी वर्षा होने की संभावना है।
इधर पश्चिमोत्तर भारत पर्वतीय क्षेत्र से ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ मौजूद है जो मानसून की तीव्रता और गति को बढ़ाने में सहायक साबित हो सकता है। मुम्बई में आगे भी भारी बारिश होने की संभावना है।
